देश-विदेश चर्च न्यूज़ | RVA Hindi News | 27 February 2026
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Presented By: RVA Hindi
News Presenter: Priyanka Damor
पोप फ्राँसिस ने शनिवार को इटली के जेनोवा धर्मप्रांत के दृढ़ीकरण संस्कार लेनेवाले बच्चों का वाटिकन के संत मर्था प्राँगण में स्वागत किया। करीब 1000 बच्चे 8 घंटे की यात्रा कर रोम आये हैं। पोप ने उन्हें प्रार्थना करने के लिए प्रोत्साहित किया।
आज काथलिक कलीसिया, विशेषकर, वाटिकन में प्रभु के स्वर्गारोहन का महापर्व मनाया जा रहा है और आज ही के दिन पोप फ्रांँसिस जयन्ती वर्ष 2025 के पेपल बुल अर्थात् पोप के घोषणा पत्र को प्रस्तुत करेंगे।
विज्ञान के लिए परमधर्मपीठीय अकादमी, परिवर्तनकारी क्षमता पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है, जो "शरण के शहरों" का एक नेटवर्क स्थापित करने के पोप के आह्वान और फोटो प्रदर्शनी "परिवर्तन" के उद्घाटन के साथ शुरू हो रहा है।
पोप फ्राँसिस की इंडोनेशिया, पापुआ न्यू गिनी, तिमोर लेस्ते और सिंगापुर की प्रेरितिक यात्रा से पहले, वाटिकन ने इन यात्राओं के लिए आधिकारिक लोगो और आदर्श वाक्य जारी किया है। ये पोप की अब तक की सबसे लंबी यात्रा की एक झलक पेश करते हैं।
वाटिकन में शुक्रवार को व्यावसायिक प्रशिक्षण और अद्यतनीकरण के राष्ट्रीय परिसंघ "कॉनफाप" के प्राध्यापकों, युवाओं एवं परिसंघ में सक्रिय सदस्यों ने अपनी पचासवीं जयन्ती के उपलक्ष्य में पोप फ्राँसिस का साक्षात्कार कर उनका सन्देश सुना। इस अवसर पर सन्त पापा ने परिसंघ के समस्त सदस्यों के प्रति हार्दिक धन्यवाद दिया जो कलीसिया की सामाजिक धर्मशिक्षा के अनुकूल युवाओं के प्रशिक्षण में संलग्न हैं।
काथलिक कलीसिया की परम्परा के अनुसार मई का महीना माता मरियम को समर्पित है। इसी की याद करते हुए पोप फ्राँसिस ने सभी विश्वासियों को मई महीने में माता मरियम से विशेष प्रार्थना करने का आह्वान किया है।
दुनियादारी की ओर बढ़ते आकर्षण के युग में सुसमाचार के विश्वसनीय गवाह बनना पहले से कहीं अधिक जरूरी मांग बन गई है। यह न केवल लोकधर्मियों की जागरूकता की मांग करती बल्कि धर्मसमाजियों के लिए भी एक बड़ी चुनौती है क्योंकि वे सुसमाचार के प्रचार के लिए विशेष रूप से समर्पित हैं।
10 साल पहले, आज ही के दिन पोप फ्राँसिस ने संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्राँगण में समारोही ख्रीस्तयाग के दौरान पोप जॉन 23वें और पोप जॉन पॉल द्वितीय को संत घोषित किया था। ऐतिहासिक उथल-पुथल के समय में, प्रिय संत पापाओं ने उस आशा और खुशी का साक्ष्य दिया जो येसु के साथ मुलाकात से आती है।
दो सौ दिनों के युद्ध के बाद येरूसालेम के कार्डिनल के साथ बातचीत में: "जो कुछ हुआ है उसने स्पष्ट रूप से "दो-राज्य" समाधान की अनिवार्यता को दिखाया है। युद्ध जारी रखने के अलावा दोनों राज्यों के पास कोई विकल्प नहीं है।”
गांदिनो की निष्कलंक कुंवारी मरियम की उर्सुलाइन धर्मबहनों के धर्मसमाज को पोलैंड पहुंचे लगभग 30 साल बीत चुके हैं। ईशसेवक डॉन फ्रांचेस्को देल्ला मादोन्ना द्वारा स्थापित, समुदाय ने 1995 में ड्रोहिज़िन धर्मप्रांत में अपना सेवा कार्य शुरू किया और फिर लेगियोनोवो में विकसित हुआ। देश में संस्थान की प्रमुख सिस्टर लौरा बोस्की वाटिकन न्यूज़ को पोलैंड में अपने समुदाय के कार्यों और उन्हें प्रेरित करने वाली भावना के बारे में बताती हैं
पोप ने मोनसिन्योर फिलिपो चम्पानेली को पूर्वी कलीसियाओं के लिए बने विभाग के उप सचिव के रूप में नियुक्त किया है, अबतक वे राज्य सचिवालय के सामान्य मामलों के अनुभाग में कार्यरत थे।