बाटा स्टेडियम में एकत्रित करीब 50,000 युवाओं और परिवारों के सामने, पोप लियो 14वें ने चिंतन हेतु प्रस्तुत बातों का जवाब देते हुए, जीवन में कोशिश और अनुशासन की अहमियत तथा प्रतिष्ठित काम, काम की जगह पर महिलाओं को आनेवाली मुश्किलों, खुद को ईश्वर को सौंपने में मिलनेवाली खुशी, और पति-पत्नी तथा माता-पिता होने के महत्वपूर्ण मिशन के बारे में बात की।