सीसीबीआई के पदाधिकारियों ने वाटिकन में पोप लियो 14वें से मुलाकात की

भारतीय काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन (सीसीबीआई) के पदाधिकारियों ने शुक्रवार, 28 अगस्त को वाटिकन में पोप लियो 14वें से मुलाकात की। 45 मिनट से अधिक समय तक चली इस मुलाकात में भारत में लातीनी काथलिक कलीसिया के जीवन, मिशन और प्रेरिताई से जुड़ी चिंताओं पर चर्चा हुई।

भारतीय काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन और एशियाई धर्माध्यक्षीय सम्मेलनों के संघ के अध्यक्ष तथा गोवा एवं दमन के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल फिलिप नेरी फेराओ ने प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व किया। उनके साथ सीसीबीआई उपाध्यक्ष और बैंगलोर के महाधर्माध्यक्ष पीटर मचाडो; सीसीबीआई के महासचिव और रांची के महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आइंद; ​​एवं सीसीबीआई के उप सचिव प्रमुख डॉ. फादर स्टीफन अलाथारा भी थे।

यह मुलाकात संत अगुस्टीन के पर्व दिवस पर हुई, जो अगुस्तीनियन धर्मसंघ के संरक्षक संत हैं, जिससे पोप लियो 14वें जुड़े हैं। सीसीबीआई प्रतिनिधियों ने पोप को पर्व की बधाई और शुभकामनाएँ दीं।

कार्डिनल फिलिप नेरी फेराओ ने पोप लियो 14वें को उपहार स्वरूप ओक की लकड़ी से बनी एक पट्टिका भेंट की, जिसमें येसु ख्रीस्त को भारत की कलीसिया से जुड़े बारह संतों से घिरा हुआ दिखाया गया है। पट्टिका पर जिन संतों की तस्वीर है, वे हैं प्रेरित संत थॉमस, प्रेरित संत बार्थोलोम्यू, संत फ्रांसिस ज़ेवियर, संत गोंसालो गार्सिया, संत जोसेफ वाज़, संत जॉन दी ब्रिटो, संत देवसहायम, कलकत्ता की संत तेरेसा, संत अल्फोंसा, संत कुरियाकोस एलियास चावरा, संत यूफ्रेसिया और संत मरियम त्रेसिया। लकड़ी पर बारीक नक्काशी वाली इस पट्टिता को केरल के राज्य पुरस्कार विजेता मूर्तिकार मिस्टर राफेल ने बनाया था।

महाधर्माध्यक्ष पीटर मचाडो और महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आइंद ​​ने मिलकर पोप को एक पारंपरिक भारतीय कसावु शॉल भेंट किया, जो बढ़िया हैंडलूम कपड़े से बना था और जिस पर सुंदर सुनहरे रंग का बॉर्डर था। सीसीबीआई प्रतिनिधियों ने पोप लियो 14वें को कश्मीर का हाथ से बना पट्टू शॉल भी दिया, साथ ही दार्जिलिंग, असम और नीलगिरी की पांच तरह की बढ़िया चाय पत्तियाँ भी दीं, जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विविधता की निशानी हैं।

डॉ. फादर स्टीफन अलाथारा ने पोप को सीसीबीआई की प्रेरितिक योजना, “सिनॉडल कलीसिया की ओर एक साथ यात्रा: सीसीबीआई मिशन 2033,” और 2025 में हुई 36वीं सीसीबीआई महासभा का भुवनेश्वर दस्तावेज दिया। उन्होंने पोप लियो 14वें को काथलिक बाइबिल के अंग्रेजी मानक संस्करण (ईएसवी) की एक कॉपी भी दी, जिसे सीसीबीआई ने 2019 में मंजूरी दी थी। बाईबिल को क्रॉसवे ने पब्लिश किया था, जो अमरीका के व्हीटन, इलिनोइस, में है, जो शिकागो महानगर का हिस्सा है और पोप के जन्मस्थान एवं गृह शहर के पास है। इस तरह इस उपहार का एक खास महत्व है, जो पवित्र बाईबिल के काथलिक संस्करण को पोप की अपनी अमेरिकी जड़ों से जोड़ता है।

कार्डिनल फिलिप नेरी फेराओ ने कहा, “यह एक बहुत ही दोस्ताना मुलाकात थी, और संत पिता हमारे साथ बहुत अच्छे से पेश आए। पोप लियो भारत की कलीसिया को अच्छी तरह जानते हैं। उन्होंने 2004 और 2006 में, संत अगुस्तीनी धर्मसंघ के प्रायर जेनरल के रूप में अपने समय के दौरान दो बार भारत का दौरा किया था। उन्होंने भारत में लैटिन कलीसिया की कोशिशों की तारीफ की, खासकर प्रेरितिक योजना की तैयारी और प्रकाशन के लिए।”

यह मुलाकात सीसीबीआई के लिए एक खास पल था, क्योंकि यह पहली बार था जब इसके कार्यकारी अधिकारियों ने एक प्रतिनिधि के रूप में एक साथ पोप से मुलाकात की।

सीसीबीआई भारत में लातीनी काथलिक कलीसिया के धर्माध्यक्षों का सम्मेलन है। यह देशभर में 132 लैटिन धर्मप्रांतों, 217 धर्माध्यक्षों, 564 धर्मसंघों और लगभग 18 मिलियन लैटिन काथलिकों का प्रतिनिधित्व करता है।

भारतीय काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन की प्रेरितिक योजना, जिसे 2024 में जारी किया गया था,  भारत में लातीनी काथलिक कलीसिया के लिए एक आम प्रेरितिक दृष्टिकोण दिया है और इसे देश एवं विदेश दोनों जगह सराहना मिली है।

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