पालेर्मो के सेवानिवृत कार्डिनल रोमियो का निधन

पालेर्मों के सेवानिवृत महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल रोमियो का देहांत 25 अक्टूबर को हो गया।

पालेर्मों के सेवानिवृत महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल रोमियो का देहांत 25 अक्टूबर को हो गया।

पालेर्मो के महाधर्माध्यक्ष कार्डिलन की मृत्यु  25 अक्टूबर को कतानिया में हो गई। उसका अंतिम संस्कार बुधवार, 28 अक्टूबर को सुबह 11:00 बजे एसिरेले के महागिरजाघर में किया जायेगा।

लंबी बीमारी के बाद, पालेर्मो के महाधर्माध्यक्ष, कार्डिनल पाओलो रोमियो का निधन  25 अक्टूबर को गया। उनकी आयु 88 साल की थी। पालेर्मो महाधर्माप्रांत द्वारा जारी किये गये एक बयान के मुताबिक, कार्डिलन की मृत्यु कतानिया के “संत मार्को” अस्पताल में हुई। मंगलवार, 27 अक्टूबर को सुबह 9:30 बजे एसिरेले के महागिरजाघर में उनका पार्थिव शरीर को रखा जायेगा,  जहाँ रात 8:00 बजे एक प्रार्थना सभा होगी। अंतिम संस्कार बुधवार, 28 अक्टूबर को सुबह 11:00 बजे एसिरेले के महागिरजाघर में निर्धारित की गई है।

पालेर्मो के महाधर्माध्यक्ष कोरादो लोरेफिचे ने दिवंगत कार्डिलन के लिए विश्वासियों से अपील करते हुए कहा, “हम उनकी आत्मा को प्रभु हाथों सौंपते हैं, जो उन्हें अपनी कलीसिया की सेवा हेतु समर्पण जीवन के लिए इनाम देंगे।”

कलीसिया में सेवा
कार्डिनल पाओलो रोमियो का जन्म 20 फरवरी, 1938 को एसिरेले शहर में हुआ था। वे नौ संतानों में पांचवें थे। उन्होंने एसिरेले के लधुगुरूकुल में पढ़ाई की, जहाँ हाई स्कूल और हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने ईशशास्त्र की पढ़ाई शुरू की। 1959 में वे एक विद्यलार्थी के तौर पर रोम भेजे गये,  जहाँ उन्होंने ग्रेगोरियन परमधर्मपीठीय महाविद्यालय से ईशशास्त्र में स्नातक और लातेरन महाविद्यालय से कलीसियाई कानूनी संबंधी पढ़ाई में डिग्री हासिल की।

18 मार्च, 1961 को उनका पुरोहिताभिषेक हुआ और 1 जनवरी, 1967 को वे होली सी, परमधर्मपीठ की सेवा में शामिल हुए। उन्होंने फिलीपींस, बेल्जियम-लक्ज़मबर्ग और यूरोपियन संघों, वेनेज़ुएला, रूवांडा और बुरुंडी में संत पापा के आधिकारिक प्रेरिताई स्वरुप सेवाएँ प्रदान की। 

1976 में, वे वाटिकन सचिवालय में वापस आ गए, और कलीसियाई जनसामान्य संपर्क समिति में अपनी सेवाएं दीं, जहाँ उन्हें लातीनी अमेरिकी देशों में काथलिक समुदाय के जीवन और लातीनी अमेरिकी धर्माध्यक्षीय सम्मेलन  के कार्यों का प्रत्यक्ष निरक्षण कार्य सौंपा गया। 1983 में, उन्हें वल्चरिया का महाधर्माध्यक्ष और हैती में प्रेरिताई हेतु प्रेरितिक अधिकारी नियुक्त किया गया। वे 6 जनवरी, 1984 को संत पेत्रुस महागिरजाघर में संत पापा जॉन पॉल द्वितीय से उन्हें धर्माध्यक्षीय अभिषेक प्राप्त हुआ। इसके बाद उन्होंने कोलंबिया में अपनी सेवा दी। वे 1999 में, कनाडा में प्रेरिताई हेतु प्रेरितिक अधिकारी नियुक्त हुए, 2001 में उन्हें  इटली और सैन मैरिनो गणराज्य का प्रेरितिक अधिकारी नियुक्त किया गया। 19 दिसंबर 2006 को, उन्हें पलेर्मो महाधर्मप्रांत की अगुवाई का कार्यभार सौंपा गया। वे 20 नवंबर 2010 में संत पापा बेनेडिक्ट 16वें  द्वारा कार्डिनलमंडल में शामिल किये गये थे।

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