पोप लियोः पवित्रता एक वैश्विक उपहार
पोप लियो 14वें ने, 01 नवम्बर, सब संतों का महोत्सव के अवसर पर संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्राँगण में उपस्थित सभों के संग देवदूत प्रार्थना का पाठ किया, अपने संदेश में उन्होंने कहा कि पवित्रता सभों के लिए दिया गया एक वैश्विक उपहार है।
पोप लियो 14वें ने सब संतों के पर्व के अवसर पर, 01 नवम्बर को, विश्वासियों और तीर्थयात्रियों के संग देवदूत प्रार्थना का पाठ किया।
पोप ने देवदूत प्रार्थना के पूर्व दिये गये अपने संदेश में कहा कि सब संतों का महोत्सव, जिसे हम आज मनाते हैं, हमें असंख्य नर और नारियों के परिवार की खुशी में शामिल होने का निमंत्रण देता है जिन्होंने येसु ख्रीस्त का अनुसरण करते हुए अपने जीवन को ईश्वर के लिए और अपने पड़ोसियों के लिए एक उपहार बना लिया। अपनी पवित्रता के विभिन्न मार्गों के साथ-साथ, उन्होंने “अथाह प्रेम के समुद्र” की चाह रखी जैसे कि संत पापा बेनेदिक्त 16वें अपने सुन्दर अभिव्यक्ति में कहते हैं।
संतों का समूह
आज की धर्मविधि में ईशवचन इस परिवार को “सभी राष्ट्रों, वंशों, प्रजातियों और भाषाओं का एक ऐसा विशाल जन समूह स्वरूप जिक्र करता है जिसकी गिनती कोई भी नहीं कर सकता है।” (प्रका.7.9) आज वास्तव में, हम सभी संतों का त्योहार मनाते हैं- जिन्हें कलीसिया उसी रूप में पहचान प्रदान करती है इसके साथ ही उन्हें भी जिन्हें औपचारिक रूप में पहचान नहीं दिया गया है लेकिन वे ईश्वर के द्वारा जाने जाते हैं। आज का सुसमाचार जैसे कि हमें याद दिलाता है, वे अपने में द्ररिद्र हैं यद्यपि वे ईश्वरीय प्रेम में धनी हैं। उनके चेहरे आंसूओं से भरे हैं लेकिन प्रार्थना में उन्हें सांत्वना प्राप्त होता है। वे हिंसा की स्थिति में विनम्र बनें रहते हैं, और पिता उन्हें उपहार प्रदान करते हैं। वे न्याय के भूखे हैं यद्यपि अपने अंतःस्थल की गहराई में भरे हैं। वे अपने में क्षमा और करूणा का आलिंगन करने को तैयार हैं। वे अपने हृदय से शस्त्रहीन हैं फिर भी ईश्वर के द्वारा बचाये जाते हैं। वे शांति स्थापक हैं और ईश्वर के नाम से बुलाये जाते हैं। उन्हें सताया और अपमानित किया जाता है लेकिन वे अपने विश्वास और करूणा में मजबूत बने रहते हैं।
पवित्रता सबों के लिए
पोप ने कहा कि यह वास्तव में सच है कि हमारे भाई-बहनों के इस असंख्य भीड़ की गणना करना असंभव है, जो अपने में संख्या केवल नहीं है। पवित्रता, असल में, अपने में किसी भी रूप में सीमित नहीं की जा सकती है, क्योंकि इसे अच्छाई के रूप में सभी संतों के द्वारा पूरी दुनिया में प्रसारित किया गया है। जैसे कि हम उनकी प्रशंसा करते हैं, हम अपने में पूछ सकते हैः इन लोगों ने, ईश्वर की कृपा से किन चीजों को सामने लाया है? विशेष रूप से, उनके कार्य और प्रेम करने का चुनाव, जो लोभ की सीमाओं और बुराई के दंभ से जो कभी-कभी हमारे मध्य भरी जान पड़ती है, अपने में परे जाती है। संतगण हमारे लिए ईश्वर के राज्य की अति सुन्दर और शक्तिशाली निशानी है जो हमारे बीच आता है- या उससे भी बढ़कर जैसे येसु ख्रीस्त हमें अपनी शिक्षा में कहते हैं-यह हमारे बीच उपस्थित है (लूका 17.20-21)। इससे भी अधिक, यह धन्य समुदाय लोगों का आलिंगन करते हैं जो विभिन्न पृष्ठभूमियों, संस्कृतियों और जीवन से जुड़े हैं। पवित्रता को हम कुछेक विशेष विशेष लोग के लिए सुरक्षित नहीं पाते हैं, बल्कि यह वैश्विक बुलाहट है जो हममें हर किसी के लिए है, जहाँ कभी भी हम निवास करते हों। यह आज के त्योहार का आशा भरा हमारे लिए संदेश हैः ईश्वर उन अच्छाइयों को देखते हैं जिन्हें हम नहीं देखते हैं, वे हमारे जीवन के इतिहास को जानते हैं जिसे हमें पता नहीं रहता है और वे हमारे हृदयों के उन स्थलों में पहुंचते हैं जहाँ हम नहीं पहुंचते हैं।
धन्य कुंवारी मरियम, जो अपने में इसलिए धन्य हैं क्योंकि उन्होंने ईश्वर के वचनों में विश्वास किया, वे पवित्रता के मार्ग में हमारे संग चलें, जिससे हम दोनों स्थितियों में, हमारे जीवन के अति महत्वपूर्ण और प्रतिदिन के साधारण क्षणों में भी, अपने में शक्ति को पोषित करने हेतु कभी न थकें।
