रविवारीय देवदूत प्रार्थना के दौरान अपने चिंतन में पोप फ्राँसिस ने हमें स्मरण दिलाया कि भौतिक चीजें जीवन को परिपूर्णता की ओर नहीं ले जातीं, बल्कि प्रेम का मार्ग अपनाने से ही जीवन परिपूर्णता की ओर जाता है, जो अपने लिए कुछ नहीं रखता, बल्कि सब कुछ बांट देता है।