इस लेख का शीर्षक कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में दिए गए उनके खास भाषण के एक बयान से लिया गया है। उन्होंने कहा, “बड़ी ताकतें, फिलहाल, अकेले चलने का जोखिम उठा सकती हैं। उनके पास बाज़ार का आकार, सैन्य क्षमता और शर्तें तय करने का दबदबा है। मध्यम ताकतों के पास ऐसा नहीं है।”