शांति के ईश्वर हमें शक्ति प्रदान करते हैं, पोप लियो
पोप लियो 14 वें ने शुक्रवार, 21 अगस्त को एक ट्वीट सन्देश प्रकाशित कर स्मरण दिलाया है कि शांति के ईश्वर हमें घावों को शुद्ध करने, मेल-मिलाप करने और प्रेम की सभ्यता के निर्माण की शक्ति प्रदान करते हैं।
गहरा सम्बन्ध
पोप लियो लिखते हैः युद्ध के ज़ख्म और धरती के क्षरण का मानव हृदय की स्थिति से गहरा संबंध है। मानवता को प्रताड़ित करने वाले संघर्ष कई तरह से अन्दरूनी मतभेद और विभाजन का बाहरी रूप हैं। जब हृदय तहस-नहस हो जाता है तो रिश्तों पर असर पड़ता है और उनका प्रतिबिम्ब उन संरचनाओं में दिखने लगता है जिनका हम निर्माण करते हैं।
निमंत्रण
उन्होंने लिखा, “तलवारों को पीटकर हल के फाल बनाने” की, इसायाह के ग्रन्थ में निहित दूसरे अध्याय के चौथे पद की भविष्यवाणी केवल देशों के लिए एक नज़रिया नहीं है, बल्कि हर इंसान के लिए एक निमंत्रण है। यह हमें हानि या क्षति को जीवन में रूपान्तरित करने के लिये आमंत्रित करती है।
मानवीय पारिस्थितिकी
पोप आगे लिखते हैः युद्ध के शस्त्रों की जगह, शांति के ईश्वर हमें घावों को शुद्ध करने, मेल-मिलाप करने और प्रेम की सभ्यता के निर्माण करने की शक्ति प्रदान करते हैं। इस तरह, हमें आमंत्रित किया जाता है कि हम हमें सौंपे गए कई “इकोसिस्टम” या “पारिस्थितिकी तंत्र” की सुरक्षा करें, सृष्टि की पारिस्थितिकी, मानवीय रिश्तों की पारिस्थितिकी और मानव हृदय की पारिस्थितिकी।
