पर्यावरण प्रतिनिधियों ने लौदातो सी ग्राम में एक ‘वैश्विक मैत्री’ लॉच किया
लौदातो सी उच्च शिक्षा केंद्र और नोट्रे डेम यूनिवर्सिटी ने शिक्षाविदों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों को एक साथ लाया ताकि समग्र पारिस्थितिकी और टिकाऊ प्रयासों को बढ़ावा देने हेतु ज्ञान और उत्तम अभ्यासों को जोड़ा जा सके।
दुनियाभर के विश्वविद्यालय और बड़े अंतरराष्ट्रीय संगठनों के 60 से ज्यादा प्रतिनिधि सोमवार, 9 मार्च को वैश्विक गठबंधन का उद्घाटन करने के लिए एकत्रित हुए। यह एक अंतरराष्ट्रीय पहल है जिसका मकसद है समग्र पारिस्थितिकी और टिकाऊ पहलों को बढ़ावा देने के लिए लोगों को एक साथ लाना।
यह सभा सेक्युलर ट्री के बैकग्राउंड में और वाटिकन से लगभग एक घंटे की दूरी पर कास्तेल गंदोल्फो स्थित पोप के उद्यान में लौदात सी ग्राम की खूबसूरत जगह पर फार्म के जानवरों के बीच हुई। ग्राम का मकसद पोप फ्राँसिस के 2015 के विश्व पत्र लौदातो सी में बताए गए शिक्षा के सिद्धांत, एक वृत्ताकार अर्थव्यवस्था और टिकाऊ पहलों को बढ़ावा देना और लागू करना है।
मंगलवार, 10 मार्च तक चलनेवाले इस कार्यक्रम में विभिन्न विषयों पर चर्चा (समग्र पारिस्थितिकी में नेता बनाने से लेकर जलवायु न्याय तक), उद्यान का दौरा और इन विषयों पर अपने अनुभव एवं सोच साझा करना शामिल है।
लौदातो सी उच्च शिक्षा केंद्र के जनरल डायरेक्टर और वैश्विक गठबंधन के संस्थापकों में से एक, कार्डिनल फाबियो बाजो ने वाटिकन न्यूज को बताया कि नोट्र डेम यूनिवर्सिटी के साथ अपनी साझेदारी शुरू करने के बाद, उन्हें एहसास हुआ कि लौदातो सी और समग्र पारिस्थितिकी पर काम करनेवाले सभी लोगों को एक साथ लाने की जरूरत है, ताकि मिली जानकारी को इकट्ठा किया जा सके और भविष्य के शोध और ठोस पहल के लिए नए विचार विकसित किए जा सकें।
उन्होंने बताया, “शुरू से ही हमने जो एक नतीजा सोचा था, वह एक वैश्विक गठबंधन बनाना था, जहाँ लोग शोध करने और पारिस्थितिक बदलाव के बारे में ज्यादा जागरूकता फैलाने के लिए समर्पित होंगे।”
कार्डिनल बाजो ने इस बात पर भी जोर दिया कि अपने संस्थानों में बातचीत को ठोस कामों में बदलना कितना जरूरी है। इसके लिए “पारिस्थितिक मन-परिवर्तन के मॉडल” लागू करने होंगे जो दिखनेवाले और ठोस हों।
इस बारे में, उन्होंने बताया कि लौदातो सी’ ग्राम इस पहल के लिए एकदम सही बैकग्राउंड है क्योंकि इसे “इन मॉडलों में से एक माना जाता है, जहाँ लौदातो सी’ के सिद्धांतों को अमल में लाया जाता है, जहाँ लोग आकर छू सकते हैं और महसूस कर सकते हैं कि पारिस्थितिक मन-परिवर्तन असल में क्या है।”
दुनिया बदलने के लिए एक शुरुआती बिन्दु
सिस्टर अलेसांद्रा स्मेरिली, जो समग्र मानव विकास को बढ़ावा देनेवाले विभाग की सचिव और लौदातो सी उच्च शिक्षा केंद्र के निदेशक समिति की सदस्य ने कहा कि इस कार्यक्रम में “दुनिया के अलग-अलग कोनों से, अलग-अलग यूनिवर्सिटी से, अलग-अलग नजरिए से काबिल लोग आ रहे हैं, लेकिन उनका एक ही मकसद है कि हम लौदातो सी के सिद्धांतों के हिसाब से जीने के लिए अच्छे विचार और अच्छे तरीके साझा करना चाहते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “मुझे उम्मीद है कि यह किसी ऐसी चीज की शुरुआत है जो दुनिया को बदलने के लिए एक जरूरी चीज बना सकती है।”
नोट्रडेम यूनिवर्सिटी में टिकाऊ पहल के लिए सही बदलाव के फाउंडिंग डायरेक्टर अरुण अग्रवाल ने इस बात पर भी जोर दिया कि वैश्विक गठबंधन एक शैक्षणिक सम्मेलन से “बहुत अलग है”, क्योंकि यह “ऐसे कामों की एक श्रृंखला और ऐसे दलों की एक सीरीज शुरू करना चाहता है जो एक साथ काम करेंगे, जो समुदाय बनाएंगे” ताकि पूरी मानवता को पारिस्थितिक मन-परिवर्तन के लिए आमंत्रित किया जा सके।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नोट्रडेम यूनिवर्सिटी, एक अग्रणी अनुसंधान यूनिवर्सिटी के तौर पर, “महसूस करती है कि वह समग्र पारिस्थितिकी के सिद्धांतों को साझा करने के अपने मकसद में वाटिकन की मदद कर सकती है।”