पास्का युद्ध समाप्ति का सुअवसर, कार्डिनल पारोलीन

वाटिकन के प्रेरितिक पुस्कालय में एक दिवसीय अध्ययन शिविर के मौके पर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए वाटिकन राज्य सचिव कार्डिनल पियेत्रो पारोलीन ने कहा कि पास्का युद्ध की मूर्खता को समाप्त करने का सुअवसर है।  

युद्ध की बेवकूफ़ी ख़त्म हो 
26 मार्च को वाटिकन के प्रेरितिक पुस्कालय में राजनेता आलचीदे दे गासपरी को समर्पित अध्ययन शिविर के अवसर पर उन्होंने उम्मीद जताई कि पवित्र भूमि में, पवित्र सप्ताह का समारोह कम से कम पवित्र स्थलों के भीतर मनाया जा सकेगा।  

कार्डिनल पारोलीन ने कहा, "हमारी संवेदनाएं पवित्र भूमि के साथ हैं जहाँ के लोग युद्ध की वजह से बड़ी पाबंदियों के साथ पवित्र सप्ताह मनाने की तैयारी कर रहे हैं।" उन्होंने आशा व्यक्त की कि "कम से कम" पवित्र स्थलों जैसे कि "चर्च ऑफ़ द होली सेपुलकर" में धर्मविधिक समारोह सम्पन्न किये जा सकें।  

आगामी सप्ताह मनाये जानेवाले पास्का महापर्व को दृष्टिगत रख कार्डिनल पारोलीन ने हिंसा खत्म करने की अपील दोहराई। उन्होंने कहा, “पास्का अथवा ईस्टर शांति का महापर्व है, यह जी उठे प्रभु ख्रीस्त की शांति का पर्व है जो युद्ध जैसी बेवकूफी को खत्म करने का एक खास मौका है।  

सामान्य भलाई के लिये सहयोग
इताली राजनीति पर बोलते हुए कार्डिनल ने इस बात की ओर ध्यान आकर्षित कराया कि इस समय युवाओं में राजनीति के प्रति और, विशेष रूप से, न्याय के प्रति चेतना जागृत हुई है जिसका समर्थन किया जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि 22 और 23 मार्च के जनमत संग्रह में युवाओं ने विशेष रुचि दिखाई। यह दर्शाता है कि सामान्य भलाई के प्रति लोग सजग हैं जिन्हें सुनना ज़रूरी है।  

वाटिकन राज्य सचिव कार्डिनल पारोलीन ने पत्रकारों से कहा, "मुझे लगता है कि मतदान करनेवाले लोगों के प्रतिशत से हम सभी थोड़े हैरान थे।" उन्होंने कहा कि सच में, समझदारी इसी में है कि इन सबका फ़ायदा उठाया जाए और इसका सदुपयोग जनकल्याण के लिये किया जाये।” उन्होंने आशा व्यक्त की कि इताली न्याय पालिका में संशोधन के लिये सम्पन्न जनमत संग्रह की नतीज़ा इटली की सरकार और राजनितिज्ञों को तनावों को कम कर समझदारी और सहयोग की भावना में काम करने के लिये प्रेरित करेगा।