छब्बीसवां आदिवासी बाइबिल सम्मेलन, जो आस्था और एकता की बैठक के लिए लगभग 30 हजार लोगों को एक साथ लाता है, श्रीकाकुलम धर्मप्रांत में 6 मार्च शुरू हुआ और 9 मार्च तक जारी रहेगा।
नाईजिरिया में कफानचन धर्मप्रांत ने बताया है कि कादुना राज्य में सेंट मैरी ताचिरा गिरजाघर के पुरोहित फादर सिल्वेस्टर ओकेचुकु को 5 मार्च की सुबह उनके अपहर्ताओं ने “क्रूरतापूर्वक” मार डाला। वे एक रात पहले अपहरण के शिकार हुए थे।
जैरूसालेम में लातीनी रीति के प्राधिधर्माध्यक्ष कार्डिनल पियरबतिस्ता पित्साबाल्ला ने चालीसाकाल के आरम्भ में एक संदेश जारी करते हुए स्मरण दिलाया है कि "संघर्ष और दोषारोपण की भारी बयानबाजी" कभी भी ईश्वर को येसु में मेल-मिलाप करने से नहीं रोक सकती।
वाटिकन के फिदेस समाचार एजेंसी के अनुसार, नान हलिंग के ग्रामीण क्षेत्र में संत माइकल काथलिक चर्च के प्रेरितिक केंद्र को 3 मार्च को बर्मी सेना ने बमबारी द्वारा नष्ट कर दिया। गिरजाघर का इतिहास सौ साल से भी ज्यादा पुराना था।
यूरोप के हृदयस्थल में संघर्ष को समाप्त करने के लिए संभावित समझौते पर बहस अभी भी व्यापक है। रूसी राष्ट्रपति ने युद्ध विराम समझौते का सुझाव दिया, शांति मिशन के सदस्यों का चयन किया अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प दावा करते हैं कि उन्हें युद्धविराम मिल गया है, जबकि वे युद्ध समाप्त करने का रास्ता न खोज पाने के लिए यूरोप को दोषी ठहराते हैं।
8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, दुनिया भर में संगठन, महिलाओं और लड़कियों की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए पहल करके इस दिवस को मना रहे हैं।
यूनिसेफ/यूएन वूमन और प्लान इंटरनेशनल ने आठ मार्च को मनाये जानेवाले अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में "गर्ल्स गोल्स: किशोरियों के लिये क्या बदलाव आया है? और 30 वर्षों में किशोरों के अधिकार" शीर्षक से एक नई रिपोर्ट प्रकाशित की है।
डब्ल्यू एफ पी ने चेतावनी दी है कि इस्राएली सहायता कटौती के कारण गज़ा में उसका खाद्य भंडार केवल दो सप्ताह तक ही चल पाएगा। यह चेतावनी तब आई है जब इजरायली प्रधानमंत्री ने सहायता रोकने का फैसला किया है, उन्होंने हमास पर आपूर्ति सामग्री चुराने का आरोप लगाया है और इजरायल-हमास युद्धविराम को आगे बढ़ाने के अमेरिकी प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है, जिसके बाद गाजा पट्टी में खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ गई हैं और सामुदायिक रसोई में सामान खत्म हो गया है।
ऑस्ट्रेलिया में काम कर रहे एक भारतीय पुरोहित के खिलाफ एक ऑनलाइन अभियान शुरू किया गया है, जिसमें दक्षिण भारत में अपनी भाभी और दो भतीजियों की आत्महत्या में उनकी कथित संलिप्तता की जांच की मांग की गई है।
यह जानकर खुशी हुई कि सर्वोच्च न्यायालय ने तमिलनाडु राज्य के कुंभकोणम धर्मप्रांत के कुछ दलित कैथोलिकों की अपील पर सुनवाई करने के लिए सहमति व्यक्त की है।
अरुणाचल प्रदेश राज्य में 50,000 से अधिक ईसाई 40 साल पुराने कठोर धर्मांतरण विरोधी कानून को पुनर्जीवित करने की सरकारी योजना का विरोध करने के लिए एकत्र हुए, उन्हें डर है कि इसका दुरुपयोग करके उन्हें निशाना बनाया जा सकता है और उन्हें पीड़ित किया जा सकता है।
लैंगिक समानता और महिलाओं के अधिकारों की गारंटी के लिए “कार्रवाई में तेज़ी लाना”, प्रभावशाली समाधान, समावेशिता और अंतर्संबंध पर ध्यान केंद्रित करना, इस वर्ष 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के लिए आह्वान है।
"जब रात आ गई है, और धरती पर अंधेरा है, और चाँद ही एकमात्र प्रकाश है जिसे हम देख पाएँगे, नहीं मैं डरूँगा नहीं, जब तक तुम खड़े रहोगे, मेरे साथ खड़े रहो।"
सोसाइटी ऑफ द डिवाइन वर्ड (एसवीडी) मिशन पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के साथ अपनी 150वीं वर्षगांठ मनाने जा रही है, जिसमें धर्मशास्त्री, मिशनरी, विद्वान और कार्यकर्ता शामिल होंगे।
ब्राजील के बंधुत्व के लिए अभियान के 61वें संस्करण को चिह्नित करते हुए, पोप फ्राँसिस ने देश के काथलिक समुदाय को वर्तमान पारिस्थितिक संकट से निपटने के साथ-साथ आंतरिक परिवर्तन को जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
पोप फ्रांसिस ने अपने बुधवारीय आमदर्शन की धर्मशिक्षा माला में येसु की माता मरियम के जीवन पर चिंतन करते हुए उन्हें आशा के तीर्थयात्री कहा और उनके द्वारा येसु की खोज करने का आहृवान किया।
परमधर्मपीठीय रोमी कार्यालय के उपदेशक फादर रॉबेर्तो पासोलिनी के नेतृत्व में 2025 के चालीसा काल की आध्यात्मिक साधना 9 से 14 मार्च को वाटिकन के पॉल षष्ठम सभागार में आयोजित की गई है।
पोप फ्रांसिस ने चालीसा के अपने संदेश में व्यक्तिगत और सामुदायिक मन परिवर्तन की ओर ध्यान आकर्षित कराते हुए एक साथ चलने और अपने में परिवर्तन लाने का आहृवान किया।
पोप ने सोमवार को ट्वीटकर इस विश्व प्रवासी एवं शरणार्थी दिवस के लिए थीम "प्रवासी: आशा के मिशनरी" की जानकारी दी, साथ ही रविवार को पोप ने प्रार्थनाओं और चिकित्सा देखभाल के लिए आभार व्यक्त किया और शांति के लिए निरंतर प्रार्थना करने का आग्रह किया।
जीवन के लिए गठित परमधर्मपीठीय अकादमी की आम सभा के प्रतिभागियों को दिए गए संदेश में, पोप फ्राँसिस ने ब्रह्मांड के बारे में हमारी समझ का पुनर्मूल्यांकन करने, विज्ञान के योगदान को सुनने तथा हमारी दुनिया के सामने मौजूद 'बहुसंकट' का जवाब देने के लिए वैश्विक संस्थाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।