लड़ाई के चार साल बाद भी, करीब दस मिलियन यूक्रेनी अपने घरों से दूर रह रहे हैं। देश के अंदर बेघर हुए लोगों और विदेश में शरण लिये हुए लोगों में, मानवीय मदद की ज़रूरत बढ़ रही है, जबकि आर्थिक और मानसिक मुश्किलें भी बढ़ रही हैं। सब कुछ होने के बावजूद, घर लौटने की इच्छा अभी भी मज़बूत है।