हिरोशिमा एवं नागासाकी में परमाणु बमबारी के पीड़ितों की याद में 75 घंटे की शांति प्रार्थना

संत इजिदियो समुदाय ने नागासाकी के महाधर्मप्रांत के साथ मिलकर, और फोकोलारे आंदोलन, स्वयंसेवकों और अन्य संगठनों के सहयोग से हिरोशिमा एवं नागासाकी में परमाणु बमबारी की 80वीं वर्षगाँठ पर 75 घंटे की शांति प्रार्थना का आयोजन किया है। 6 अगस्त को सुबह 8:00 बजे से 9 अगस्त को सुबह 8:00 बजे तक आयोजित प्रार्थना चल रहे संघर्षों के सभी पीड़ितों की स्मृति में दुनिया को एकजुट करेगी।

सोमवार, 6 अगस्त, 1945 की सुबह, जब न्यूयॉर्क में रविवार की शाम थी, अमेरिकी वायु सेना ने हिरोशिमा शहर पर पहला परमाणु बम गिराया। तीन दिन बाद, गुरुवार, 9 अगस्त की सुबह, दूसरे - और भी शक्तिशाली - बम ने नागासाकी को तबाह कर दिया। हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बमबारी, इतिहास में, जानबूझकर युद्ध में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के सिर्फ दो मामले हैं।

इस त्रासदी की 80वीं बरसी पर, 75 घंटे के शांति जागरण प्रार्थना—6 अगस्त को सुबह 8:00 बजे से 9 अगस्त को सुबह 8:00 बजे तक (इटली में, 6 अगस्त को सुबह 1:00 बजे से 9 अगस्त को सुबह 4:00 बजे तक)—दुनियाभर के लोगों को एकजुट की है और उन्हें चल रहे संघर्षों के सभी पीड़ितों के लिए प्रार्थना करने हेतु आमंत्रित करती है। दो प्रतीकात्मक स्थान—न्यूयॉर्क में येसु और मरियम के पवित्र हृदय का चैपल (325 ई 33वीं स्ट्रीट, एनवाई 10016) और उराकामी महागिरजाघर में नागासाकी की माता मरियम का प्रार्थनालय (हिबाकु नो मारिया)—प्रार्थना और आतिथ्य हेतु सभी के लिए खुले हैं। आप अपनी प्रार्थना ऑनलाइन जमा करके दूर से भी इसमें भाग ले सकते हैं। दोनों प्रार्थनालयों में, जागरण प्रार्थना निर्बाध रूप से जारी रहेगा, जिससे एकता और एकजुटता का आध्यात्मिक सेतु बनेगा।

यह जागरण प्रार्थना संत इजिदियो समुदाय द्वारा नागासाकी के महाधर्मप्रांत के साथ मिलकर, और फोकोलारे आंदोलन, स्वयंसेवकों और अन्य संगठनों के सहयोग से आयोजित की गई है।

अधिक जानकारी के लिए, www.santegidio.org देखें।

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