पोप : युद्ध बेकार है; रूस और यूक्रेन को बैठकर बात करनी चाहिए

फ्रांस की अपनी प्रेरितिक यात्रा के अंत में मेट्ज़ से रोम की विमान यात्रा में पत्रकारों से बात करते हुए, पोप लियो 14वें ने झगड़ों और उन्हें बनाए रखनेवाले आर्थिक फायदों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि कलीसिया “सुसमाचार का प्रचार करने के लिए अपनी आवाज उठा रही। कुछ लोग हथियार उद्योग से अमीर हो रहे हैं; इन अरबों (रूपयों) का इस्तेमाल दुनिया में भूख जैसी समस्याओं को हल करने के लिए किया जा सकता है।”

सोमवार शाम को मेट्ज से रोम के लिए उड़ान भरते समय, पोप लियो 14वें ने फ्रांस की अपनी प्रेरितिक यात्रा में उनके साथ आए 80 से अधिक पत्रकारों से बात की।

पोप ने अपनी बात फ्रांस की यात्रा का विवरण देकर शुरुआत की और पत्रकारों द्वारा उनसे पूछे गए कई बड़े सवालों के जवाब दिए।

प्रेस कॉन्फ्रेंस का हिन्दी अनुवाद नीचे दिया जा रहा है:

पोप : मैं अंग्रेजी में बोलकर शुरू करूँगा। और फिर अगर आपको अनुवाद की जरूरत है तो हम उसमें मदद कर सकते हैं। सबसे पहले, फिर से आपके काम के लिए धन्यवाद। मुझे लगता है कि आप पिछले चार दिन काफी व्यस्त रहे और, एक तरह से, यह एक बहुत गहन कार्यक्रम था।

चार दिन सचमुच कई आशीर्वादों से भरे थे। मैं कहूँगा कि चमत्कार ही था, खासकर, लूर्द में बिताया गया समय, इतने सारे बीमार और पीड़ित लोगों के साथ चलना, उनके साथ रहना और यह देखना कि कैसे ईश्वर की उपस्थिति की कृपा कई अलग-अलग तरीकों से दिखाई देती है, लोगों के दिलों को छूती है, उनका जीवन बदल देती है, और, एक कहावत का इस्तेमाल करूँ तो, बीमारों, बुज़ुर्गों, और उन लोगों की प्रतिष्ठा वापस लाती है जिन्हें समाज के कुछ हिस्सों में छोड़ दिया जाता है।

इस तरह, चारों दिन कई चिन्ह, कई भाव, कई प्रतीक महसूस किये गये। और व्यक्तिगत रूप से, मुझे खुद बहुत अच्छा लगा कि मुझे फ्रांस जाने का मौका मिला, खासकर उन युवाओं को हिम्मत देने के लिए जो निश्चय ही कुछ खोज रहे हैं।

स्टेडियम में यह साफ दिख रहा था, शाम को फ्रांस के आस-पास से 80,000 युवा इकट्ठे हुए थे और उन्होंने  जोश, खुशी और उम्मीद बांटी, लेकिन मुझे लगता है कि उन्होंने इसे पाया और दूसरों के साथ साझा भी कर पाएंगे।

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