स्वर्ग की रानी प्रार्थना: भले गड़ेरिये येसु खुली बाहों से हमारा इंतजार करते हैं

भले गड़ेरिये को समर्पित रविवार को स्वर्ग की रानी प्रार्थना के पूर्व पोप ने अपने संदेश में, याद दिलाया कि येसु हमें असीमित प्रेम करते हैं, वे हमें अपना जीवन अर्पित करते हैं। उन्होंने प्रार्थना की कि हम प्रभु से मिलने जा सकें और हमारे भले चरवाहे की प्रेमी बाहों में खुद को स्वागत किये एवं उठाये जाने दें।

वाटिकन स्थित संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्राँगण में रविवार 21 अप्रैल को पोप फ्राँसिस ने भक्त समुदाय के साथ स्वर्ग की रानी प्रार्थना का पाठ किया, स्वर्ग की रानी प्रार्थना के पूर्व उन्होंने विश्वासियों को सम्बोधित कर कहा, प्रिय भाइयो एवं बहनो, शुभ रविवार।

यह रविवार भले चरवाहे येसु को समर्पित है। आज के सुसमाचार में (यो.10:11-18), वे बतलाते हैं कि “भला गड़ेरिया अपनी भेड़ों के लिए अपने प्राण दे देता है।”(पद 11) वे इस बात पर इतना जोर देते हैं कि इसे तीन बार दोहराते हैं। (पद.11, 15, 17) लेकिन गड़ेरिया किस अर्थ में अपनी भेड़ों के लिए अपना प्राण देता है?

दरअसल, गड़ेरिया बनना, खासकर येसु के समय में, सिर्फ एक नौकरी नहीं थी, बल्कि जीवन जीने का एक तरीका था। यह कोई व्यवसाय नहीं था जिसमें कुछ समय निर्धारित हो, बल्कि इसका मतलब भेड़ों के साथ पूरे दिन रहना था और यहाँ तक कि रातें भी उन्हीं के साथ बितानी थी। अर्थात् उनके साथ सहजीवन में रहना था। वास्तव में, येसु समझाते हैं कि वे कोई भाड़े के व्यक्ति नहीं हैं, जिन्हें भेड़ों की परवाह न हो, बल्कि वे भेड़ों को जानते हैं। इस प्रकार प्रभु, हम सभी के चरवाहे, हम प्रत्येक को पहचानते हैं, हमें नाम से पुकारते हैं और, जब हम खो जाते हैं, तो वे तब तक हमें खोजते हैं जब तक कि हमें दोबारा नहीं पा लेते। (लूक. 15,4-5) और उससे भी बढ़कर: येसु सिर्फ एक अच्छे चरवाहे नहीं हैं जो झुंड के साथ अपना जीवन साझा करते हैं; येसु एक ऐसे भले चरवाहे हैं, जिन्होंने हमारे लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया है और पुनर्जीवित होकर हमें अपनी आत्मा दी है।

भले चरवाहे की छवि के साथ प्रभु हमें यही बताना चाहते हैं: कि वे न केवल मार्गदर्शक हैं, झुंड के मुखिया हैं, बल्कि सबसे बढ़कर हम में से प्रत्येक के बारे सोचते हैं, और हमें अपने जीवन के प्रेम के रूप में सोचते हैं।

आइए, हम इसपर चिंतन करें: कि मैं ख्रीस्त के लिए महत्वपूर्ण हूँ, वे मेरे बारे सोचते हैं, मैं अपूरणीय हूँ, मैं उनके जीवन की असीम कीमत के लायक हूँ। और यह बोलने का कोई अलंकारिक तरीका नहीं है: उन्होंने सचमुच मेरे लिए अपना जीवन दे दिया है, वे मर गये और मेरे लिए फिर जी उठे, क्यों? मुझे लग सकता है कि यह एक अच्छा विचार है, लेकिन मुझे इससे कोई फायदा नहीं। परन्तु वे मुझसे प्यार करते हैं और मुझमें वह सुंदरता पाते हैं जो मैं अक्सर नहीं देख पाता।

पोप ने कहा, भाइयो और बहनो, आज कितने लोग अपने आप को अपर्याप्त या गलत मानते हैं! हम कितनी बार सोचते हैं कि हमारा मूल्य उन उद्देश्यों पर निर्भर करता है जिन्हें हम प्राप्त करते हैं, दुनिया की नज़रों में हमारी सफलता पर, दूसरों के निर्णय पर! और कितनी बार हम छोटी-छोटी चीज़ों के लिए खुद को बर्बाद कर देते हैं! आज येसु हमें बताते हैं कि हम हमेशा उनके लिए बहुत मूल्यवान हैं। और इसलिए, खुद को फिर से खोजने के लिए, सबसे पहली बात की ज़रूरत है, खुद को उनकी उपस्थिति में रखना, अपने अच्छे चरवाहे की प्रेमपूर्ण बाहों द्वारा स्वागत किये और उठाये जाने देना।

पोप ने विश्वासियों को चिंतन हेतु प्रेरित करते हुए कहा, “आइए, हम खुद से पूछें: क्या मैं हर दिन उस निश्चितता को अपनाने के लिए एक क्षण ढूंढ़ पाता हूँ जो मेरे जीवन को मूल्य देता है? क्या मैं जानता हूँ कि प्रार्थना, आराधना, स्तुति का एक क्षण कैसे ढूंढ़ूं, ख्रीस्त की उपस्थिति में कैसे रहूँ और खुद को उनके द्वारा दुलारे जाने दूँ?

भले चरवाहे हमें बताते हैं कि यदि हम ऐसा करते हैं, तो हम जीवन के रहस्य को फिर से खोज पायेंगे: हम अच्छे चरवाहे को याद करेंगे, जिन्होंने हमारे लिए अपना जीवन दे दिया है।

तब माता मरियम से प्रार्थना करते हुए कहा, “हमारी माता मरियम हमें येसु में वह खोजने में मदद करें जो जीवन के लिए आवश्यक है।”

इतना कहने के बाद पोप ने भक्त समुदाय के साथ स्वर्ग की रानी प्रार्थना का पाठ किया तथा सभी को अपना प्रेरितिक आशीर्वाद दिया।

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