केन्या: धर्मबहनें ‘शराबियों के मित्रों’ के तौर पर नशे की लत से लड़ने में मदद करती हैं

केन्या के तिमाउ नामक ग्रमीण शहर में होली इनोसेंट्स बीपीएसएस सेंटर में, धर्मबहनें और आम लोग मिलकर नशे की लत और मानसिक स्वास्थ्य की दिक्कतों से जूझ रहे लोगों की मदद करती हैं। समुदाय में “शराबियों के मित्रों” के नाम से जानी जाने वाली ये धर्मबहनें विश्वास, विज्ञान और दया को मिलाकर घायल ज़िन्दगियों को ठीक करती हैं और उन जगहों पर उम्मीद जगाती हैं जहां समाज ने कभी हार मान ली थी।

होली इनोसेंट्स बीपीएसएस सेंटर एक आस्था पर आधारित पुनर्वास और मनो-चिकित्‍सा संबंधी देख-भाल का स्थान है, जिसे मेरू धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष सलेसियुस मुगांबी और पवित्र मासूमों की सेविकाओं के धर्मसमाज की संस्थापिका सिस्टर वेरोनिका नकिरोटे रुकुंगा ने शुरू किया है। इस धर्मसमाज की धर्मबहनें होली इनोसेंट्स बीपीएसएस सेंटर को चलाती हैं।

2021 में शुरू हुआ यह सेंटर केन्या के सबसे ज़रूरी सामाजिक संकटों में से एक: शराब और ड्रग्स की लत और बढ़ती मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों का जवाब है।

समाज में घायलों को प्यार, दया और करुणा से ठीक करने के मिशन के साथ, बिना किसी को जज किए, धर्मबहनों ने एक सुरक्षित जगह बनाई है जहाँ दर्द का मकसद मिलता है और टूटे हुओं को उम्मीद मिलती है।

विश्वास और दया में शुरु किया गया एक मिशन
सिस्टर वेरोनिका नकिरोटे रुकुंगा ने धर्मसमाज और सेंटर बनाने के कारणों के बारे में बताया: “पवित्र मासूमों की सेविकाओं के धर्मसमाज की धर्मबहनें समाज के सबसे ज़्यादा घायल सदस्यों की ज़रूरतों को पूरा करती हैं। हमारा करिश्मा ‘दुखों की माता मरियम’ से प्रेरित है, जो अपने पीड़ित बेटे के साथ खड़ी थीं, ठीक वैसे ही जैसे धर्मबहनें अब नशे और मानसिक बीमारी से जूझ रहे लोगों के साथ खड़ी हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “शुरुआत से ही बहुत से लोग इलाज के लिए आए हैं और समुदाय में फिर से शामिल हुए हैं। हम, पवित्र मासूमों की सेविकाएँ, आज के हेरोद का सामना कर रही हैं: शराब और ड्रग्स का गलत इस्तेमाल।”

होली इनोसेंट्स बीपीएसएस सेंटर 24 घंटे खुला हुआ है, जो बीपीएसएस के चार आधारों: जैविक, मनोवैज्ञानिक,सामाजिक और आध्यात्मिकता के तहत पूरी तरह से देखभाल करता है। यह पहुँच सुनिश्चित करता है कि पीड़ितों का इलाज सिर्फ़ शारीरिक रूप से ही नहीं, बल्कि पूरी तरह से, सम्मान और दया के साथ किया जाए।

शरीर, मन और आत्मा को ठीक करना
बीपीएसएस सेंटर में बहुत तरह की सेवा दी जाती हैं। सेंटर की प्रबंधक, सिस्टर प्योरिटी मथेंगे अपने काम के दायरे के बारे में बताती हैं, “2021 से, हमने सेटर में भर्ती मरीजों और बाहर से आने वाले मरीजों के पुनर्वास, मनो-चिकित्‍सा संबंधी देख-भाल, व्यक्तिगत और सामूहिक चिकित्सा, दवा द्वारा शरीर से जहरीले पदार्थों को दूर करना और आध्यत्मिक देखभाल की जाती है। तब से, धर्मबहनों ने लोगों की ज़िंदगी बदलते हुए देखा है।”

सिस्टर प्योरिटी कहती हैं, “एक आदमी जिसे हमने सड़कों से उठाया था, वह अब नौकरी कर रहा है, और दूसरा जो ठीक हो गया, वह अब हमारे स्टाफ का हिस्सा है। ये मील के पत्थर हमें आगे बढ़ाते हैं।”

उनकी टीम में मानसिक रोगों की चिकित्सक, नर्स, मनोविज्ञानी, लैब टेक्नोलॉजिस्ट, परामर्शदाता और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं। सिस्टर प्योरिटी कहती हैं, “हर किसी की अपनी भूमिका होती है। और हम हमेशा प्रार्थना करती हैं कि और भी भागीदार और अच्छे लोग हमारे साथ जुड़ें।”

विज्ञान और पेशेवर देखभाल का आध्यात्मिक इलाज से मिलन
चिकित्सा के स्तर पर, सेंटर सामान्य और व्यक्तिगत देखभाल एवं इलाज देता है।

सेंटर में मानसिक रोगों की चिकित्सक और रोगविषयक सेवा विभाग के प्रधान, केल्विन म्वेगा ने बताया: “हम रोगी को भर्ती करने से पहले जिगर और गुर्दा जैसे ज़रूरी अंगों के लिए लैब टेस्ट करते हैं। हर व्यक्ति की ज़रूरतों के आधार पर, हम मेडिकली असिस्टेड डिटॉक्स और थेरेपी देते हैं जिसमें जैविक, मनोवैज्ञानिक, सामाजिक और आध्यात्मिक समर्थन शामिल है।” परिवारिक चिकित्सा और जीवन कौशल प्रशिक्षण भी प्रोग्राम का हिस्सा हैं।

मिस्टर म्वेगा बताते हैं, “मरीजों को सेंटर से छुट्टी मिलने के बाद, हम उनके घर जाते हैं और दोबारा बीमार होने से बचाने के लिए उनके साथ मेल-जोल बनाये रखते हैं। मुझे जो चीज़ प्रेरित करता है, वह है लोगों को ठीक होते देखना, जिन्हें दूसरे पहले ही नज़रअंदाज़ कर चुके थे। इससे मुझे उम्मीद और हिम्मत मिलती है। कोई भी एसा केस नहीं है कि ठीक नहीं हो सकता। यह बस समय की बात है। पुनर्वास काम करता है।”

एक समुदाय जो परवाह करता है
इस ज़िंदगी बदलने वाले काम ने कॉन्वेंट की दीवारों के बाहर कई लोगों को मिशन में शामिल होने के लिए प्रेरित किया है।

धर्मसमाज के एक लोकधर्मी सहयोगी, विंसेंट मुटविरी उनमें से एक हैं। वे कहते हैं, “हम पवित्र मासूमों की सेविकाओं के धर्मसमाज की धर्मबहनों का समर्थन करते हैं क्योंकि उनका करिश्मा अनोखा है और इसकी तुरंत ज़रूरत है। हम समुदाय में उन संवेदनशील जगहों पर आउटरीच कार्य करने और वकालत करने जाते हैं जहाँ धर्मबहनें नहीं जा सकतीं।”

धर्मबहनों को अक्सर ‘शराबियों के मित्र’ कहा जाता है। मिस्टर मुटविरी कहते हैं कि यह वह उपनाम है जिसे वे विनम्रता से स्वीकार करती हैं। वे कहते हैं, “उनका प्यार लोगों का जीवन बचा रहा है और समुदाय इसे देखता है।”

सिस्टर जोन: ‘आप अकेले नहीं हैं’
सेंटर में कार्यरत सिस्टर जोन न्याकाटो, नशे की लत या मानसिक स्वास्थ्य की दिक्कतों से जूझ रहे लोगों से कहती हैं कि वे दूसरों के साथ अपनी मुश्किलें साझा करें। वें कहती हैं, “आगे बढ़ें, आइए, इस बारे में बात करें। हम सभी को एक शांत दिमाग और एक शांत ज़िंदगी चाहिए। यह ज़िंदगी का अंत नहीं है; आप अकेले नहीं हैं। हम आपका हाथ थामने के लिए तैयार हैं।”