भारतीय राजनीति में "बेशर्म" शब्द का इस्तेमाल लगातार होता रहता है। लेकिन जब हाल ही में एक विपक्षी नेता ने पूछा कि क्या चुप्पी में 'च' का मतलब बेशर्मी है, तो यह बात दिल को छू गई। यह सवाल बहुत गहरा है क्योंकि यह उस भावना को बताता है जो हममें से कई लोग पब्लिक लाइफ को देखते हुए महसूस करते हैं — बड़ी-बड़ी स्पीच या वायरल गुस्से में नहीं, बल्कि उन बातों में जो कही नहीं जातीं, उन सवालों में जिनसे बचा जाता है, और उस गुस्से में जो कभी सामने नहीं आता।