रविवार को देवदूत प्रार्थना के पूर्व पोप फ्राँसिस ने अपने संदेश में कहा कि अधिक देखभाल करनेवाले एवं दयालु बनने के लिए हमें दैनिक जीवन की भाग-दौड़ एवं चिंताओं से रूकना होगा, तथा अपनी शारीरिक और आध्यात्मिक ऊर्जा को पुनः चार्ज करने के लिए चिंतन और प्रार्थना में समय व्यतीत करना होगा।