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नारी: सृष्टि की आधारशिला, शक्ति और संवेदना का स्वरूप

नारी इस सृष्टि की सबसे सुंदर, संवेदनशील और शक्तिशाली रचना है। वह केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की आधारशिला है। नारी जीवन के हर क्षेत्र में अपनी महत्ता सिद्ध करती आई है। वह माँ है, बहन है, बेटी है, पत्नी है, मित्र है और समाज की निर्माता भी है। उसकी करुणा, त्याग, प्रेम, धैर्य और साहस मानव जीवन को दिशा देते हैं। भारतीय संस्कृति में नारी को देवी का स्वरूप माना गया है। उसे शक्ति, लक्ष्मी और सरस्वती के रूप में पूजनीय स्थान दिया गया है। वास्तव में नारी केवल सम्मान की पात्र नहीं, बल्कि समाज की प्रगति का मूल आधार है।
Apr 28, 2026
  • अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस पर एक बांग्लादेशी कैथोलिक नर्स का समर्पण और दृढ़ संकल्प

    May 19, 2026
    जैसे ही दुनिया 12 मई को अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस मनाती है, इस वर्ष की थीम—"हमारी नर्सें। हमारा भविष्य। सशक्त नर्सें जीवन बचाती हैं"—उन लोगों की ओर ध्यान आकर्षित करती है जो स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों के केंद्र में खड़े हैं, और अक्सर भारी दबाव तथा सीमित संसाधनों के बीच काम करते हैं। बांग्लादेश में, जहाँ नर्सों की भारी कमी बनी हुई है, उनके अनुभव उन मांगों और जोखिमों को उजागर करते हैं जिनका सामना अग्रिम पंक्ति के देखभाल करने वालों को हर दिन करना पड़ता है।
  • शांति को एक मौका दें (Give Peace a Chance)

    Mar 10, 2026
    28 फरवरी 2026 को संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर हमले किए जाने के बाद पाँच दिन बीत चुके हैं। यह संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है और पूरी दुनिया को प्रभावित कर रहा है। बताया जाता है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने यह हमला कांग्रेस की अनुमति के बिना, संयुक्त राष्ट्र से परामर्श किए बिना और अपने पारंपरिक सहयोगियों के समर्थन के बिना शुरू किया। कई देशों ने इन हमलों की निंदा की है।
  • ईस्टर: निरंतर बदलाव का एक निमंत्रण

    Apr 06, 2026
    येसु के पुनरुत्थान में विश्वास ईसाई धर्म के मुख्य सिद्धांतों में से एक है, और ईस्टर इसी गहरे विश्वास का उत्सव है। ईसाइयों का मानना ​​है कि जिस तरह येसु मृत्यु के बाद फिर से जीवित हो उठे, उसी तरह वे भी मृत्यु के बाद अनंत जीवन प्राप्त करेंगे।

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