यमन में बच्चों की स्थिति दयनीय
बच्चों के लिए फंड उपलब्ध करने वाली यूएन के यूनिसेफ ने इस बात की ओर ध्यान आकर्षित कराया कि बच्चे युद्ध का दंश झेल रहे हैं, उन्होंने युद्ध में संलग्न दलों से अनुरोध किया कि वे नागरिकों की सुरक्षा का ध्यान रखें, विशेष कर बच्चों का, इसके साथ ही उन्हें इस बात की अपील की वे मानवतावादी कार्यों में बाधा न बनें।
बच्चों के लिए मद उपलब्ध करने वाली यूएन के यूनिसेफ ने यमन में युद्ध की स्थिति को लेकर इस बात की चिंता जाती है कि युद्ध की उग्रता के कारण वहाँ के बच्चों को बहुत कष्ट झेलना पड़ा रहा है।
अपने ताजा रिपोर्ट के अनुसार यूनिसेफ ने कहा कि मध्यपूर्वी देशों में युद्ध के कारण हजारों परिवारों को अपने घरों को छोड़ने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है और जिसके कारण बच्चों के जीवन पर खतरा बढ़ गया है।
विगत दो सप्ताहों के अंतराल में एक लाख चार हजार लोगों को विस्थापित होना पड़ा है जिसमें बच्चों की संख्या सनतावन हजार है। एजेंसी ने बताया कि 3 सितंबर से अब तक यमन के पश्चिमी तट को अदन से जोड़ने वाली सड़क पर हुए हमले में कम से कम नौ बच्चे मारे गए हैं और 12 घायल हुए हैं, जबकि तीन अन्य लापता बताए जा रहे हैं।
इस बुरे हालात में, यूनिसेफ ने युद्ध में शामिल सभी दलों से अपील किया है कि वे आम लोगों, खासकर बच्चों की रक्षा करें, अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का सम्मान करें, और जरूरतमंदों के लिए सुरक्षित और बिना रुकावट मानवीय सहायता मुहैया करने में मदद करे।
गंभीर मानवीय संकट
इस संदर्भ में यून बच्चों के लिए मद देने वाली संस्थान ने कहा कि यमन पहले से ही दुनिया की एक अति गंभीर मानवीय संकट का सामना कर रही है, और हाल के युद्धों की स्थितियों ने इसे और भी विकट बना दिया है।
एजेंसी ने बताया कि वर्तमान युद्ध की स्थिति से पहले भी, यमन में करीब 12.2 मिलियन बच्चों को मानवीय मदद की ज़रूरत थी।
आकड़ों के मुताबिक यह भी बताया गया कि पांच साल से कम उम्र के 2.2 मिलियन से ज़्यादा बच्चे गंभीर कुपोषण से जूझ रहे हैं, जिसमें गंभीर कुपोषण के 515,000 से ज़्यादा मामले शामिल हैं।
शिक्षा और जरुरी सेवाएं प्रभावित
एजेंसी ने इस बात का भी अनुमान लगाया है कि स्कूल जाने वाले 3.2 मिलियन बच्चे स्कूल जाने से वंचित हो गये हैं। युद्ध के कारण आवश्यक सेवाएं भी बहुत ज़्यादा बाधित हुई हैं।
यूनिसेफ की मदद से चलने वाली 26 स्वास्थ्य सुविधाओं में रुकावट आई हैं, जबकि 243 स्कूलों को बंद कर दिया गया है जिससे कारण 137,000 से ज़्यादा विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित हुए है।
यूनिसेफ ने कई मोबाइल स्वास्थ्य और पोषक दलों को पलायन केन्द्र और प्रभावित समुदायों की ओर फिर से भेजा है जिससे लोगों को जरुरी मदद दी जा सके। हालांकि, एजेंसी ने चेतावनी दी है कि तेज़ी से बिगड़ते हालात को देखते हुए ये प्रयास काफ़ी नहीं हैं।
