पोप लियो ने सिस्टर निर्मलिनी को वाटिकन विभाग का सलाहकार नियुक्त किया
पोप लियो 14वें ने समर्पित जीवन के संस्थानों और प्रेरितिक जीवन की सोसाईटी के लिए स्थापित परमधर्मपीठीय विभाग के लिए सलाहकारों की नियुक्ति की। उन सलाहकारों में से एक हैं सिस्टर मरिया निर्मलिनी, ए.सी.।
समर्पित जीवन के संस्थानों और प्रेरितिक जीवन की सोसाईटी के लिए स्थापित परमधर्मपीठीय विभाग में सलाहकार के रूप में सिस्टर मरिया निर्मलिनी, ए.सी. की नियुक्ति की घोषणा 6 अगस्त को हुई। सिस्टर मरिया निर्मलिनी को इस पद पर पाँच साल के लिए नियुक्त किया गया है।
इस नियुक्ति के साथ सिस्टर निर्मलिनी उन लोगों में शामिल हो गई हैं जिन्हें काथलिक कलीसिया में समर्पित जीवन और प्रेरितिक जीवन के संस्थानों से जुड़े काम में वाटिकन विभाग की मदद करने के लिए बुलाया गया है।
विभाग समर्पित जीवन और प्रेरितिक जीवन के संस्थानों से जुड़े मामलों, और समुदायों के जीवन, प्रशासन और प्रेरिताई में साथ देने के लिए जिम्मेदार है।
एक सलाहकार के रूप में, सिस्टर निर्मलिनी से उम्मीद की जाएगी कि वे समर्पित जीवन से जुड़े मुद्दों पर विभाग के परामर्श एवं विचार-विमर्श में अपने अनुभव और समझ से योगदान देंगी।
उनका चुनाव यह दिखाता है कि अनुभवी धार्मिक नेता अलग-अलग संस्कृति और प्रेरितिक माहौल में समर्पित जीवन के सामने आनेवाली चुनौतियों और मौकों पर कलीसिया के सोचने-समझने में क्या योगदान दे सकते हैं।
उनकी पांच साल की नियुक्ति, विभाग के अंतरराष्ट्रीय परामर्श में एक भारतीय धर्मसंघी के नजरिया को लाती है, ऐसे समय में जब दुनियाभर के धर्मसंघ, बदलते प्रेरितिक परिवेश, मिशन के नए तरीकों और समर्पित जीवन की बदलती जरूरतों पर ध्यान दे रहे हैं।
यह नियुक्ति कलीसिया में समर्पित जीवन के लिए महत्वपूर्ण है, जो दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की महिला धर्मसंघी और धर्मसंघी नेताओं की भूमिका को हाईलाइट करती है, जो वाटिकन की समझ और मिशन में योगदान दे रही हैं।
भारत के धर्मसंघीय सम्मेलन ने सिस्टर मरिया निर्मलिनी की नियुक्ति पर खुशी जाहिर करते हुए उन्हें बधाई दी है और कहा है कि यह पहली बार है जब किसी भारतीय महिला धर्मसंघी को समर्पित जीवन और प्रेरितिक जीवन के संस्थानों के लिए स्थापित विभाग का सलाहकार नियुक्त किया गया है। उन्होंने कामना की है कि “सिस्टर निर्मलिनी के द्वारा ईश्वर का कार्य कई लोगों के जीवन में फल लाये और भावी पीढ़ी को समर्पित जीवन के लिए प्रेरित करे।”
