परमधर्मपीठ : अंतरिक्ष और एआई को हथियार नहीं बनाया जा सकता

वाटिकन ने हथियारों के बजट में भारी बढ़ोतरी के बीच निरस्त्रीकरण की नैतिक जरूरत को दोहराया है, और अंतरिक्ष के मिलिट्रीकरण के खिलाफ चेतावनी दी है, जिसे “सारी मानवजाति का क्षेत्र” बना रहना चाहिए।

वाटिकन विदेश सचिवालय के उप-सचिव, मोनसिन्योर डानिएल पाको ने निरस्त्रीकरण के लिए कलीसिया की अपील को फिर से दोहराया है।

बुधवार को जिनेवा में यूएन के नेतृत्व में 2026 के निरस्त्रीकरण सम्मेलन को संबोधित करते हुए, उन्होंने कहा कि मानवता “एक अहम मोड़” पर है। उन्होंने जनवरी में पोप लियो 14वें की चेतावनी को याद किया कि युद्ध “वापस लौट रहा है, और युद्ध के लिए जोश फैल रहा है।”

मोनसिन्योर पाको ने दुःख जताया कि कूटनीतिक बातचीत और आम सहमति बनाने की जगह ताकत ले रही है, उन्होंने कहा कि इस बदलाव ने निरस्त्रीकरण पर सम्मेलन सहित, निरस्त्रीकरण पर बहुपक्षीय चर्चाओं को कमजोर कर दिया है।

उन्होंने निरस्त्रीकरण को एक “नैतिक जरूरत” बताया, जो यह सुनिश्चित करता है कि हथियारों का इस्तेमाल दूसरों को नुकसान पहुँचाने के लिए फिर कभी हमले में न किया जाए।

उन्होंने कहा, “निरस्त्रीकरण अपने आप में कोई मकसद नहीं है।” “यह भरोसा बनाने और सही एवं हमेशा रहने वाली शांति पाने का एक आवश्यक जरिया है, और इसलिए समग्र मानव विकास को बढ़ावा देने के लिए जरूरी है।”

मोनसिन्योर पाको ने परमाणु हथियार प्रसार के खिलाफ वाटिकन के विरोध को दोहराया, और मानव के लिए इससे पैदा होनेवाले “अस्तित्व के खतरे” के लिए अपनी चिंता जाहिर की।

उन्होंने कहा कि परमाणु रोकथाम इस बेतुकी सोच पर आधारित है कि अंतरराष्ट्रीय रिश्ते न्याय, कानून और भरोसे के बजाय ताकत के खतरे पर आधारित होने चाहिए।

उन्होंने कहा कि जब “रोकथाम का खतरनाक रास्ता” सभी राजनीतिक कोशिशों की जगह ले लेता है, तो “मानव और हमारा पूरा ग्रह तबाही और बर्बादी के कगार पर धकेले जाने के खतरे में होता है।”

इस संदर्भ में, मोनसिन्योर पाको ने परमाणु हथियार वाले देशों को अपने हथियारों के भंडार को कम करने और अंत में खत्म करने के लिए अच्छी नीयत से बातचीत करने के लिए वाटिकन के निमंत्रण को दोहराया।

वाटिकन के प्रतिनिधि ने आगे कहा कि आउटर स्पेस तेजी से बड़ी ताकतों के बीच टकराव का मंच बनता जा रहा है।

उन्होंने कहा, “आउटर स्पेस का मिलिट्रीकरण पहले से ही एक सच्चाई है और अगर भरोसा बनाने और सामूहिक सुरक्षा और जिम्मेदारी बढ़ाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह हथियारों के इस्तेमाल को बढ़ावा देगा।”

उन्होंने आगे कहा कि आंतरिक्ष में किसी भी बड़े टकराव का हमारी पीढ़ी और भविष्य की पीढ़ी पर बहुत बुरा असर पड़ेगा।

उन्होंने कहा, “इसलिए यह जरूरी है कि 1967 की आउटर स्पेस समझौते के अनुसार, अंतरिक्ष की खोज और इस्तेमाल सिर्फ शांतिपूर्ण कामों के लिए, ‘पूरी इंसानियत के लिए एक आम जगह’ के तौर पर रखा जाए।”

मोनसिन्योर पाको ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के हथियार बनाने की बात की, और कहा कि AI युद्ध लड़ने के तरीके को तेजी से अमानवीय बना रहा है।

आखिर में, मोनसिन्योर पाको ने निरस्त्रीकरण पर सम्मेलन को सम्बोधित कर कहा कि वे यह सत्यापित करने के तरीके खोजें कि देश नए हथियारों के मंच का इस्तेमाल कैसे कर रहे हैं, साथ ही हथियारों को सीमित करने के लिए समझौता के साथ बढ़ते सैन्य खर्च का सामना करें।

उन्होंने कहा, “मानवता को असली और हमेशा रहनेवाली शांति की ओर ले जाने के लिए, यह जरूरी है कि यह निरस्त्रीकरण पर सम्मेलन सभी लोगों की भलाई के लिए ठोस और हमेशा रहनेवाले निरस्त्रीकरण सहमति हासिल करे।”

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