काथलिक धर्मबहनें एकजुटता और आशा के साथ यात्रा कर रही हैं

दुनिया भर से 130 से ज़्यादा धर्मबहनें तंजानिया के दार एस सलाम में काथलिक धर्मबहनों के पहल के आयोजन के लिए एकत्रित हुईं, जिसे कॉनराड एन. हिल्टन फाउंडेशन ने नेतृत्व किया।

दुनिया भर की काथलिक धर्मबहनों को समुदाय को मज़बूत करने, सबकी भलाई के लिए मिलकर असर डालने और प्रेरिताई में एक-दूसरे के अनुभवों, चुनौतियों, सफलताओं और नई खोज से सीखने के लिए बढ़ावा दिया गया है।

यह अपील डा. सिस्टर जेन वाकाहिउ,एतएसओएसएफ, प्रोग्राम ऑपरेशंस की एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट और कॉनराड एन. हिल्टन फाउंडेशन में काथलिक धर्मबहनों के पहल की प्रमुख ने 10-12 जून, 2026 को तंजानिया के दार एस सलाम में हुए काथलिक धर्मबहनों के पहल के आयोजन के दौरान की थी।

सभा में 23 देशों का प्रतिनिधित्व करने वाली 130 से अधिक धर्मबहनें, कीसिया के नेता, विकास भागीदार और फाउंडेशन द्वारा समर्थित पहल में लगे आम सहयोगी एक साथ आए।

सहयोग के माध्यम से समुदायों को मजबूत बनाना
2026 काथलिक धर्मबहनों के पहल के आयोजन की थीम थी: "एकजुटता और आशा में एक साथ यात्रा: समुदायों को मजबूत करना और आम भलाई के लिए साझा प्रभाव पैदा करना।"

इस कार्यक्रम ने प्रतिभागियों को स्थानीय, क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर अपनी प्रेरिताई के अनुभव साझा करने का अवसर प्रदान किया।

चर्चाएँ एकजुटता, मानवीय गरिमा, सामुदायिक परिवर्तन, कहानी कहने और आम भलाई के लिए वकालत, और समकालीन सामाजिक चुनौतियों के लिए सहयोगात्मक प्रतिक्रियाओं पर केंद्रित थीं।

सुरक्षा के केंद्र में ख्रीस्त
पोंटिफिकल ग्रेगोरियन यूनिवर्सिटी में इंस्टीट्यूट ऑफ़ एंथ्रोपोलॉजी: इंटरडिसिप्लिनरी स्टडीज़ ऑन ह्यूमन डिग्निटी एंड केयर (आईएडीसी) के निदेशक फादर हैंस ज़ोलनर एसजे  ने अपनी प्रस्तुति में इस बात पर ज़ोर दिया कि कलीसिया के अंदर सुरक्षा की कोशिशें सुसमाचार पर मज़बूती से टिकी होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, "सुरक्षा का केंद्र येसु ख्रीस्त हैं, हमारे मुक्तिदाता और उद्धारकर्ता।" "ख्रीस्त के पीछे चलने का मतलब है उन लोगों का साथ देना और उनकी मदद करना जिन्होंने अभिघात, दुर्व्यवहार और तकलीफ़ झेला है।"

उन्होंने दुनिया भर में काथलिक धर्मबहनों के प्रशिक्षण और उन्हें मज़बूत बनाने में लगातार निवेश के लिए कॉनराड एन. हिल्टन फाउंडेशन की तारीफ़ की।

इसके सपोर्ट से, धर्मबहनें मानव तस्करी के पीड़ितों को बचाने, युवाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने, महिलाओं को व्यवसायिक प्रशिक्षण देने, स्थानीय समुदाय को मज़बूत करने और उन्नत शिक्षा हासिल करने में कामयाब रही हैं।

उन्होंने नेटवर्किंग और मिलकर काम करने की अहमियत पर भी ज़ोर दिया, और कहा कि धर्मसमाजों और संगठनों के बीच पार्टनरशिप से समाज की ज़रूरतों को पूरा करने में असर और टिकाऊपन बढ़ती है।

सुनना, सीखना, नए दरवाज़े खोलना
प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए, सिस्टर जेन वाकाहियू ने धर्मबहनों को पूरे प्रोग्राम के दौरान सुनने और खुलेपन की भावना अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

सिस्टर वाकाहियू ने बताया कि फाउंडेशन की फंडिंग से चलाये गये कार्यक्रमों से 25 मिलियन से ज़्यादा लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष फायदा हुआ है।

काथलिक धर्मबहनों के पहल, जिसके मूल महत्व में करुणा, विनम्रता, समग्रता, परिचारकता और दूर के सोचने वाला नेतृत्व शामिल हैं, स्वंय की सुरक्षा, मानव तस्करी विरोधी प्रयास, लिंग पर आधारित हिंसा की रोकथाम, युवाओं को मज़बूत बनाने और बुज़ुर्ग धर्मबहनों की देखभाल को प्राथमिकता देती है।

उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि सुरक्षा की संस्कृति को बढ़ावा देने में ऐसा माहौल बनाना और ऐसे उपाय लागू करना शामिल है जो लोगों को दुर्व्यवहार, शोषण, हिंसा और नुकसान से बचाएं।

एकजुटता में साथ-साथ यात्रा
धर्म प्रचार विभाग के सेक्रेटरी महाधर्माध्यक्ष फोर्तुनातुस न्वाचुक्वू, ने रोज़मर्रा की सामुदायिक ज़िंदगी में इंसानी गरिमा की रक्षा करने के महत्व पर ज़ोर दिया।

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि बुरे बर्ताव से बचे लोगों और पीड़ितों की बात सुनना इलाज, जवाबदेही और न्याय की दिशा में एक ज़रूरी कदम है।

वाटिकन से भाग लेने वालों में समग्र मानव विकास के लिए बने विभाग की सचिव सिस्टर एलेसांद्रा स्मारिली, एफएमए,  नाबालिगों की सुरक्षा के लिए पोंटिफिकल कमीशन के सचिव धर्माध्यक्ष लुइस मानुएल अली हेरेरा;, धर्मसंघी जीवन के संस्थानों और समर्पित  जीवन की सोसाइटीज़ के धर्म प्रचार विभाग के उप सचिव फादर एइटर जिमेनेज़ सीएमएफ; संचार विभाग में थियोलॉजिकल-पास्टोरल डायरेक्टर, डॉ. नताशा गोवेकर  और दूसरे अधिकारी शामिल थे।

मिलकर काम करने वाली कलीसिया बनाना
पूर्वी अफ्रीका में धर्माध्यक्षीय सम्मेलनों के संघ (एएमईसीईए) के महासचिव फादर अंतोनी माकुंडे ने कलीसिया के अंदर मिलकर काम करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।

उन्होंने बताया कि पूर्वी एवं मध्य अफ्रीका के धर्मबहनों के सम्मेलन (एसी डब्ल्यूईसीए) के साथ पार्टनरशिप के ज़रिए, एएमईसीईए धर्माध्यक्षों पुरोहितों धर्मबहनों के बीच बातचीत को बढ़ावा देता रहता है।

उन्होंने कहा कि इस तरह मिलकर काम करने से राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और धर्मप्रांतीय स्तर पर सिनॉडल संरचना और नेटवर्क मज़बूत होते हैं।

काथलिक धर्मबहनों के पहल का आयोजन हर तीन साल में अलग-अलग देशों में होता है, जो काथलिक धर्मबहनों और उनके पार्टनर्स के बीच सोचने-समझने, नेटवर्किंग और क्षान साझा करने का एक ज़रूरी मंच देता है।