नया साल, नया मैं!

मुझे यकीन है कि 2021 के अंत में आप सभी ने अपने करीबियों, साथियों, दोस्तों, एवं मित्रों के साथ 2021 की सभी खट्टी मीठी यादों को एक बार ज़रूर याद किया होगा। साथ ही हम सभी ने 2022 के लक्ष्यों की लंबी लिस्ट पर भी बात की होगी, जिन्हे हम पाना चाहते हैं। हमने शायद कुछ ऐसे लक्ष्य बताए होंगे जैसे, 2022 में वजन कम करना, मैडिटेशन करना, बुरी आदतों को छोड़ना और उनके ऐसे कई अधूरे सपने होंगे जो हम इस साल में पूरा करना चाहते है। 
हमने इस बात पर भी चर्चा की होगी कि मैं इन लक्ष्यों को कैसे प्राप्त करूँगा। मगर हममें से कितने ऐसे लोग है, जिन्होंने ईश्वर की कृपा के लिए प्रार्थना की है? या अपने लक्ष्य को ईश्वर को समर्पित किया है? शायद नहीं! क्योंकि हम सिर्फ उमंग, उत्साह और जोश में आकर अपना लक्ष्य निर्धारत कर लेते है मगर उस लक्ष्य की पूर्णता के लिए जो सबसे अहम चीज़ होती है उसे भूल जाते है, और वह ईश्वर की कृपा। "मनुष्य योजनाएँ बनाता है; उनकी सफलता प्रभु पर निर्भर है।" (सूक्ति ग्रन्थ 16:01)
हम हर साल अपने नए साल के लक्ष्य निर्धारित करते है मगर याद रखें सिर्फ लक्ष्य निर्धारित कर लेने से ही लक्ष्य की प्राप्ति नहीं होती है। ईश्वर की कृपा के साथ लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमें उस दिशा में लगातार कार्य करने की आवश्यकता होती है। लक्ष्य निर्धारित करना यह तो शुरूआती कार्य है। सिर्फ सोच लेने मात्र से या चाह लेने मात्र से लक्ष्य प्राप्त नहीं होते, क्योंकि कुछ पाने के लिए कुछ... करना पड़ता है।
हममें से लगभग सभी लोगों ने नए साल के लिए कुछ लक्ष्य निर्धारित किये होंगे। मगर हममें से कितने लोग ऐसे होंगे जिन्होंने लक्ष्य को हासिल करने के लिए कुछ प्लानिंग की होगी। अगर हमारे पास योजना(प्लान) है तभी हम आगे बढ़ सकते है। सबसे पहले हमें लक्ष्य हासिल करने के लिए कदम- दर- कदम उसकी प्रक्रिया लिखने की जरूरत है। साथ ही अपनी सभी योजनाओं को ईश्वर को अर्पित करें क्योंकि- "मनुष्य के हृदय में अनेक योजनाएँ बनती है, किन्तु प्रभु की योजना ही पूरी होती है।" (सूक्ति ग्रन्थ 19:21)
आपने जो भी लक्ष्य निर्धारित किया है उसे पाने के लिए योजना (प्लानिंग) बहुत ज़रूरी है। बिना योजना के हम अपने लक्ष्य को कभी भी हासिल नहीं कर पाएंगे। बड़े लक्ष्य को पाने के लिए हमें छोटी छोटी योजना बनाना बहुत आवश्यक है। हम बस इतना सोचे कि उस लक्ष्य को पाने के लिए अभी मुझे क्या करना है? अगर हमें यह पता चला गया कि हमें अभी क्या करना है और अगर हम उस दिशा में लगातार कार्य कर रहे है तो हम आसानी से अपने लक्ष्य को हासिल कर सकते है। 
मैं गंभीरता से कहूं कि अगर आप अपना लक्ष्य पाना चाहते हैं, तो सबसे पहले ईश्वर को धयवाद दे और अपनी शुरुआत पेन- पेपर से करें। ये सच है कि हम तकनीक से पूरी तरह बदल गई दुनिया में रहते हैं, पर पेन- पेपर से विचारों को जैसी दिशा और एकाग्रता मिलती है, वह कोई और नहीं दिखा सकता। जब हम लिखते हैं, तो दिमागी तंत्र कुछ ऐसा जुड़ता है कि वह दिमाग को इधर- उधर नहीं भटकने देता। 
साथ ही अगर आप अपने दिमाग को प्रशिक्षित करना चाहते हैं, तो उसे पहले काबू में करना होगा। मन की एकाग्रता का अभ्यास करने से आपका मन धीरे- धीरे वश में होगा। दिमाग काबू करना ही खुद पर काबू पाना है और जब एक बार यह काबू में आ गया तो हर चीज नियंत्रित हो जाएगी। इसलिए हर दिन अपनी पसंद के किसी भी काम से दिमाग को एकाग्र करें। छोटी छोटी चीज़ों पर मन को केंद्रित करें। चाहे जब आप समुद्र की लहरें देखो, जब खाना खाओ, प्रार्थना करो, ईश्वर का ध्यान करो अगर इन छोटी छोटी चीज़ों पर आपने अपने दिमाग को एकाग्र कर लिया तो फिर देखें कि कैसे दिमाग तुरंत किए जाने वाले कामों को हिस्सों में बांटना शुरू कर देता है। किसी एक काम में दक्षता हासिल किए बिना, कई कामों में उत्कृष्टता हासिल नहीं की जा सकती।
अगर हम चाहते हैं कि 2022 का हमारा लक्ष्य मुंहजुबानी बनकर न रह जाए तो सर्वप्रथम अपने लक्ष्य और अपनी योजना को ईश्वर को समर्पित करें। इसे लिख लें और एक एक कदम चलकर इसे हासिल करें। साथ ही ईश्वर से कृपा और पवित्र आत्मा से सहायता मांगे। मैंने तो अपना लक्ष्य लिख लिया है, अब आपकी बारी। और, एक और बात- "नित दिन ईश्वर की वंदना करें, लक्ष्य प्राप्ति में आसान होगी।"

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