पोप लियोः नारियाँ हमारे लिए अनमोल निधि हैं
पोप लियो 14वें कार्यस्थल पर पैदा होने वाले मुद्दों को सुलझाने में वार्ता के महत्व पर ज़ोर दिया और वाटिकन में महिलाओं की मौजूदगी को पहचानने और उसकी सराहना करने की ज़रूरत को रेखांकित करते हैं।
पोप लियो 14वें ने वाटिकन लोकधर्मियों कार्यकर्ताओं और वाटिकन महिला संघ के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।
पोप ने परमधर्मपीठ की निष्ठामय सेवा हेतु संघ के सदस्यों के प्रति अपने कृतज्ञता के भाव प्रकट करते हुए कहा कि संत पापा की प्रेरिताई में सहयोग हेतु मैं आप सभों का धन्यवाद अदा करता हूँ। रोजगार की दुनिया में, विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों के संबंध में ध्यान आकर्षित करते हुए संत पापा ने कहा कि आज मानव के पूर्ण और काम की अविभाज्य गरिमा पर ध्यान केंद्रित करना पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है; वास्तव में, “यह कोई साधारण साधन नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन की अभिव्यक्ति और गरिमा को बढ़ाता है। यह मानवीय परिस्थिति में अंकित एक आवश्यकता है, परिपक्वता, विकास और व्यक्तिगत पूर्ति की दिशा में एक सामान्य मार्ग है।"
मानवीय सहयोग
पोप ने कहा, प्रिय मित्रों, कार्य के द्वारा, “हम समाज के विकास और जनहित की भलाई में सहयोग करते हैं, हम अपनी योग्यताओं के उपयोग द्वारा दुनिया की सुंदरता को बढ़ाते हैं, परिवारों को मदद करते, संबंधों में प्रवेश करते और एक दूसरे को सुनने और वार्ता के द्वारा उन चीजों का निर्माण करते हैं जो कोई अकेले हासिल नहीं कर सकता है।”
वाटिकन की सेवा के संबंध में पोप ने दो मुख्य बिन्दुओं समुदाय और एकता के संबंध में कहा कि हम अपने विभिन्न उत्तरदायित्वों के निर्वाहण द्वारा संत पापा की प्रेरिताई में सहयोग करते हुए- विश्वास और एकता में- कलीसिया का निर्माण करने को बुलाये गये हैं, जिसे स्वयं येसु ख्रीस्त ने संत पेत्रुस और उसके उत्तराधिकारी को सौंपा है।
पोप योहन पौलुस द्वितीय की बातों को उदृधृत करते हुए संत पापा लियो ने कहा, कार्यकर्ताओं के संघ जैसे कि वाटिकन लोकधर्मियों के संघ, इस संबंध में एक बहुमूल्य योगदान देता है, संगठन का टकराव या संघर्ष के दायरे में जाना कलीसिया के सामाजिक सिद्धांत के मुताबिक नहीं है।”
पोप ने रोजगार के संबंध में वार्ता के मार्ग को मूल सिद्धांत घोषित करते हुए कहा कि आप इसका अनुसरण विश्वास और सृजनात्मकता में करें, जिससे हम अपने दैनिक जीवन में आने वाली समस्याओं का समाधान एक साथ समुदाय का निर्माण करते हुए कर सकें।
“मैं अपने प्रथम विश्वपत्र में कलीसिया की समग्र बुलाहट, सह-अस्तित्व और तनावों के समाधान हेतु नर-नारियों के मध्य वार्ता की विषयवस्तु पर जोर दिया है।” वाटिकन लोकधर्मी के संघ को हम वर्तमान “नियमावली की संरचना” में परिभाषित पाते हैं, जो परमधर्मपीठ कार्यालय और उसकी सेवा में नियुक्त लोगों के मध्य वार्ता को व्यक्त करता है।
नारियाँ मूल्यवान निधि
पोप लियो ने कहा कि वाटिकन नारियों का संघ हमारे मध्य एक-दूसरे को सुनते हुए, कठिनाई स्थिति में सक्रियता, सहयोग की भावना को पोषित करने में मदद कर सकता है। “नारियों की उपस्थिति हमारे लिए मूल्यवान निधि की भांति है जिसे हमें पहचान प्रदान करने की जरुरत है। लोगों और रिश्तों के बीच एक खास संवेदनशीलता के अलावा, वे अपने अनुभव और विचारों में व्यवसायिक और बौद्धिक योग्यता को भी हमारे बीच लाते हैं। उनकी कार्यकुशलता, समझदारी, सृजनात्मकता और प्रयोगिक सोच संस्थाओं की ज़िंदगी को बेहतर बनाती है और समस्याओं को एक खुले नजरिये से देखने में मदद करती है।
पोप ने कहा, इस रास्ते पर एक साथ चलते हुए, हम तेज़ी से एक ऐसा कार्य करने वाले समुदाय का निर्माण करने सक्षम होंगे जहाँ व्यक्तियों का इस्तेमाल या उन्हें नज़रअंदाज़ नहीं किया जाता हो, जहाँ हम एक-दूसरे का सहयोग करते और हर एक के मूल्य और कार्य कुशलता को पहचानते हो, जो हमें नाराज़गी और असंतोष से बचायेगा।
