ग्रह की देखभाल में अग्रणी भूमिका निभाते हैं बच्चे

स्पेन में तीन किशोरी स्कूली छात्राएं हमें अपने स्कूलों और समुदायों में पर्यावरण की देखभाल और सृष्टि की सुरक्षा को बढ़ावा देने के अपने आह्वान के बारे में बताती हैं।
आज हर कोई यह महसूस कर रहा है कि हमारी आर्थिक व्यवस्था और हमारे जीने का तरीका पर्यावरण और लोगों को सीधे प्रभावित करता है। इसमें वे भी शामिल हैं जो इस वास्तविकता को स्वीकार नहीं करना चाहते हैं या इसके बारे में कुछ करना नहीं चाहते हैं। आज हमारे किशोरों और युवाओं में, जो हमारी  "भावी पीढ़ी" हैं, पर्यावरण की सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ रही है, जिनके बारे में संत पापा फ्राँसिस ‘लौदातो सी’ में बोलते हैं कि उनके लिए एक रहने योग्य दुनिया को छोड़ने का जोखिम उठाते हैं। यही कारण है कि कई स्कूल पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और बच्चों से एक बुनियादी सवाल पूछने के लिए जगह बन गए हैं: हमारे आम घर को प्रदूषण से, संसाधनों के शोषण से, गरीबी से, जलवायु परिवर्तन के विनाशकारी परिणामों से बचाने के लिए और सृष्टि की देखभाल के लिए क्या किया जा सकता है?
इस हकीकत पर स्पेन की ओर से ठोस प्रतिक्रिया आई है। तोर्रेलोदोनेस की दनिएला, इनेस और लूसिया संत इग्नासियो दी लोयोला प्राथमिक विद्यालय के तीन छात्राएँ हैं। उन्होंने हमें बताया कि "एक पर्यावरण परियोजना पर काम करते हुए, हमारे शिक्षकों ने हमें ग्रह और इसके द्वारा प्रदान किए जाने वाले प्राकृतिक संसाधनों की देखभाल करने की आवश्यकता के बारे में बताया। फिर हमने छोटे-छोटे कामों के बारे में अलग-अलग विचार विकसित करना शुरू किया जो हम में से प्रत्येक कर सकता है।"
एक दिन स्कूल के प्रांगण में रहते हुए, तीनों लड़कियों ने अपने साथी सहपाठियों के साथ बिगड़ती पर्यावरणीय स्थिति पर अपनी भावनाओं और चिंताओं को साझा करने को सोचा। उन्होंने एक विचार प्रस्तावित किया: "कितना अच्छा होगा यदि हम ग्रह की देखभाल के लिए एक गैर सरकारी संगठन बनायें। हमें एहसास है कि पृथ्वी बीमार है क्योंकि हम इसकी देखभाल ठीक से नहीं कर रहे हैं और हमें इस स्थिति को बदलने की आवश्यकता है।"
"दिल" शब्द इस पहल को बढ़ावा देने वाली प्रत्येक लड़की के नाम (दनिएला, इनेस और लूसिया) के पहले अक्षर से मेल खाता है, जिनका उद्देश्य अपने स्वयं के स्कूल से शुरू करके जागरूकता बढ़ाना है कि हमारे आम घर और वहां रहने वाले लोगों की देखभाल के लिए कौन से कार्य को बढ़ावा देने और लागू करने के लिए आवश्यक हैं।
इस पहल को शुरु करने के लिए में दो स्तंभ महत्वपूर्ण हैं: स्कूलों में शिक्षा और परिवारों का समर्थन।
इनेस की मां इस बात पर जोर देती है कि “दिल” पहल को शुरु करने के लिए स्कूल का समर्थन महत्वपूर्ण है: "स्कूल के अधिकारी  अगर उनकी बात नहीं सुनी होती और उन्हें साधन नहीं दिया होता, तो इस पहल को शुरु कर पाना संभव नहीं होता। यह प्रतिबद्धता उनके व्यक्तित्व, उनके चरित्र को प्रभावित कर रही है और वे दृढ़ता से स्कूल के समर्थन को महसूस करते हैं।"
दनिएला की मां कहती है, "जिस तरह से मेरी बेटी अपने प्रोजेक्ट में शामिल है, मुझे वह पसंद है। अगर वह किसी चीज़ में विश्वास करती है, तो यह सही है कि वह इसके लिए अपनी पूरी ताकत लगाये और हम हमेशा उसका समर्थन करेंगे।
‘दिल’ के संस्थापकों दनिएला, इनेस और लूसिया ने अपने सामाजिक अभियान की शुरुआत पोस्टरों के साथ की, जो काफी प्रभावकारी हैं। "लोग रुकते हैं और उन्हें देखते हैं, वे उन्हें पढ़ते हैं और कह सकते हैं: 'मुझे यह पसंद है, मैं अपने छात्रों को बताने जाऊंगा' या 'यह एक अच्छी बात है, इस विषय में मैं अपने दोस्तों या चचेरे भाइयों को बताने जा रहा हूँ जो रुचि रखते हैं। सिर्फ एक पोस्टर पूरी दुनिया को हमारी मंशा से अवगत कराने और उस महान आपातकाल को रेखांकित करने के लिए काफी है जिसकी हमारे ग्रह को देखभाल की जरूरत है।"
दनिएला, इनेस और लूसिया पेंसिल और मार्करों से लैस, ‘दिल’ को विकसित करने की अपनी इच्छा पर जोर देते हुए कहती हैं, "हम अपने पोस्टर स्कूल के बाहर अन्य स्थानों में भी लगाने में सक्षम होना चाहते हैं ताकि बुजुर्ग और युवा लोग, हर कोई, हमारे संदेश की सराहना कर सकें।"
पोस्टरों का विषय छोटे कार्यों पर केंद्रित होता है, जिन्हें यदि साझा किया जाए, प्रचारित किया जाए और कई लोगों द्वारा व्यवहार में लाया जाए, तो इसका बड़ा प्रभाव हो सकता है। पहला यह है कि सार्वजनिक स्थानों को साफ रखा जाए और इसे सरल तरीके से प्राप्त किया जा सकता है जैसे कि जमीन पर पड़े कागज या कचरा उठाकर डब्बे में डाल देना जिसे दूसरों ने फेंक दिया है।

दूसरा है भोजन की बर्बादी और अनावश्यक खपत से बचना। बचे हुए भोजन का उपयोग घर के बगीचों में खाद डालने के लिए किया जा सकता है और स्कूल में इसका उपयोग खाद बनाने के लिए किया जा सकता है, जिसकी खेती स्वयं छात्रों द्वारा की जाती है।
अंत में, ‘दिल’ बैटरी और जहरीले उत्पादों के निपटान के बारे में जानकारी साझा करती हैं। वे प्रत्येक वस्तु की विषाक्तता को जानने की आवश्यकता पर जोर देते है और इसलिए इसे अन्य उत्पादों से अलग करते हैं। लड़कियाँ चेतावनी देते हुए कहती हैं कि "यदि आप बर्नबेउ स्टेडियम को शुद्ध पानी से भरते हैं और उसमें एक बैटरी में फेंक देते हैं, तो सारा पानी दूषित हो जाएगा। कल्पना कीजिए कि अगर हम लगभग बैटरी से भरे हुए इस कंटेनर को समुद्र में फेंक दें, तो सारी मछलियां और जानवर पीड़ित होंगे और मर जाएँगे।”

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