15 वें बाइबिल महोत्सव की शुरुआत भक्तिमय भाव से हुई
कैथोलिक धर्मप्रांत इंदौर के 15 वें तीन दिवसीय बाइबिल महोत्सव की शुरुआत सेंट पॉल हायर सेकंडरी स्कूल के प्रांगण में भक्तिमय भाव से हुई। इस 15वें बाइबिल महोत्सव का विषय "सुसमाचार के संग करुणामय ईश्वर के अनुग्रह का वर्ष" था। बिशप थॉमस मैथ्यू द्वारा पुरोहितगण तथा विश्वासियों की उपस्थिति में नीले और सफेद रंग के गुब्बारों से बनी पवित्र रोजरी माला को आकाश में छोड़ा गया। इसके पश्चात इन्फेंट जीसस चर्च, नंदबाग के पल्लीवासियों द्वारा स्वागत नृत्य करते हुए एक जुलुस में माँ मरियम की प्रतिमा, 100 हस्तलिखित पवित्र बाइबिल की प्रतिलिपियाँ तथा पवित्र बाइबिल लेकर विश्वासियों ने आयोजन स्थल में प्रवेश किया।
आयोजन स्थल पर बिशप थॉमस मैथ्यू, बिशप चाको, प्रवचनकर्ता फादर विनीत परेरा, फादर संजय कुजूर एसवीडी, विकार जनरल फादर सायमन राज एवं विश्वासियों द्वारा दीप प्रज्जवलन किया गया। ततपश्चात पवित्र वचन का बाइबिल से वाचन किया गया। बिशप थॉमस द्वारा शुरूआती प्रार्थना की गई। बिशप थॉमस मैथ्यू द्वारा फादर विनीत परेरा एवं सभी का स्वागत किया गया।
मुख्य प्रवचनकर्ता फादर विनीत परेरा ने अपने प्रवचन में कहा कि "ईश्वर हमसे प्यार करता है। हमारे लिए सिर्फ ईश्वर को जानना ही काफी नहीं है बल्कि ईश्वर के प्रेम में विश्वास करना भी महत्वपूर्ण है। हम हमारा जीवन प्रभु को दे। हमारा जीवन अपने लिए नहीं है, यह जीवन ईश्वर के लिए है। यह जीवन ईश्वर का है।"
बिशप चाको ने पवित्र मिस्सा के दौरान कहा, "ईश्वर का वचन शक्तिशाली और ताकतवर है। इसलिए हम सबको ईश्वर का वचन अपनी ओर खींच लाता है। आदि में शब्द था, शब्द ईश्वर के साथ था और शब्द ईश्वर था। वचन आदि में ईश्वर के साथ था। वचन ईश्वर है तो वचन में ताकत है। इसलिए चमत्कार और चंगाई होती है। ईश्वर का वचन सुनते ही हम ईश्वर से जुड़ जाते हैं।"
पहले दिन का यह वचनोत्सव पवित्र परम प्रसाद की आराधना तथा बीमारों के लिए चंगाई प्रार्थना के साथ संपन्न हुआ। आज के दिन भारी संख्या में विश्वासियों ने उपस्थित होकर इस वचनोत्सव का लाभ उठाया। इसी दौरान बाइबिल लेखन के प्रतिभागियों को पुरुस्कार वितरित किया गया। साथ ही साथ धर्मशिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए गणमान्यों को पुरुस्कृत किया गया।
सोमवार 19 अक्टूबर को बाइबिल महोत्सव के दूसरे दिन प्रातः 9 बजे पवित्र रोजरी माला के जाप के साथ कार्यक्रम की शुरुआत होगी।
