नाईजिरिया, सात गाँवों पर हमले, कलीसिया का शांति प्रयास

नाईजिरिया के उत्तर-पश्चिम में स्थित केब्बी प्रान्त में सात गाँवों पर हथियारों से लैस जिहादियों ने हमला कर दिया जिसमें बताया जाता है कि कम से कम तीस नागरिकों की हत्या हो गई है।

नाईजिरिया के उत्तर-पश्चिम में स्थित केब्बी प्रान्त में सात गाँवों पर हथियारों से लैस जिहादियों ने हमला कर दिया जिसमें बताया जाता है कि कम से कम तीस नागरिकों की हत्या हो गई है। धर्माध्यक्ष आनसेल्म लवानी का कहना है कि सरकार की धीमी कार्रवाई के कारण अपराधी बेखौफ होकर हमले करते हैं।  

धर्माध्यक्ष लवानी
नाईजिरिया के इलोरिन धर्मप्रान्त के धर्माध्यक्ष आनसेल्म लवानी ने वाटिकन मीडिया को बताया कि   "अपहरणों और हिंसा की मौजूदा स्थिति बिगड़ती जा रही है और सरकार की धीमी कार्रवाई की वजह से इन हमलों के लिये ज़िम्मेदार लोग बिना किसी सज़ा के काम कर रहे हैं।"

धर्माध्यक्ष लवानी ने बताया कि अभी तीन फरवरी को ही एक हथियारबंद समूह ने वोरो और नुकू के गांवों पर हमला किया जिसमें 200 लोग मारे गए। उन्होंने घरों और दुकानों में भी आग लगा दी, जिससे भयभीत आबादी को आस-पास की झाड़ियों में भागना पड़ा। उनके अनुसार, यह नाइजीरिया में अब तक का सबसे खतरनाक हमला था।

हमलों का कारण
हमलों का कारण बताते हुए धर्माध्यक्ष लवानी ने कहा कि एक तरफ, "बोको हराम और इस्लामिक स्टेट ऑफ़ वेस्ट अफ्रीका प्रोविंस (ISWAP) जैसे कई मिलीशा इस्लामिक चरमपंथी दल हैं जिन्होंने देश के मुस्लिम बहुल उत्तरी इलाके में अच्छी-खासी पकड़ बना ली है।" दूसरी तरफ, देश के बीच में, जहाँ ईसाई और अधिकांश काथलिक इलाके हैं, "फुलानी जातीय दल के हथियारबंद सदस्य तबाही मचा रहे हैं।" उन्होंने कहा कि इस अफ़रा-तफ़री में फिरौती के लिए अपहरण और पीड़ितों को लूटने के इरादे से किए गए हमले भी शामिल हैं।

काथलिक कलीसिया शांति प्रयास में अग्रणी
धर्माध्यक्ष लावानी ने बताया कि उनका धर्मप्रान्त इस मुश्किल हालात में सबसे आगे है। उन्होंने कहा, "हम प्रभावित लोगों की मदद करने की कोशिश करते हैं, अगर उन्होंने अपना घर खो दिया है तो उन्हें रहने की जगह, खाना और कपड़े देकर उनकी सहायता का प्रयास करते हैं। धर्माध्यक्ष ने कहा कि पीड़ित चाहे ईसाई हो या मुसलमान काथलिक कलीसिया अपनी पल्लियों में सबका स्वागत करती है। उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण नाईजिरिया में काथलिक कलीसिया शांति योजनाओं को अन्जाम दे रही है जिससे देश में शांति और मेल-मिलाप स्थापित किया जा सके।