यूक्रेनी राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने मॉस्को और प्योंगयांग के बीच मिलिट्री सहयोग को और मज़बूत करने की निंदा की। उनके के अनुसार, इलाके में 30,000 से 50,000 नॉर्थ कोरियाई सैनिकों को तैनात करने का फ़ैसला किया गया है। यही वजह है कि कीव पैट्रियट इंटरसेप्टर से शुरू करके हवाई सुरक्षा को तुरंत मज़बूत करने की मांग कर रहा है।
पोप लियो XIV ने ईसाइयों से मुश्किल समय में हिम्मत न हारने की अपील की है। उन्होंने याद दिलाया कि जब ज़िंदगी तूफ़ान जैसी लगने लगे, तब भी येसु हमारे साथ होते हैं।
पूरे देश में दलित ईसाइयों और दलित मुसलमानों ने 10 अगस्त को 'प्रार्थना और विरोध का राष्ट्रीय दिवस' मनाया। इस दौरान उन्होंने अनुसूचित जाति (SC) का दर्जा और समान संवैधानिक अधिकार पाने की अपनी मांग को फिर से दोहराया।
'सोसाइटी ऑफ़ द डिवाइन वर्ड' (SVD) पूर्वी भारत के झारसुगुडा में एक हफ़्ते का 'डिजिटल एंबेसडर ट्रेनिंग प्रोग्राम' आयोजित कर रही है। इसमें 29 युवा प्रतिभागी (जिनमें धार्मिक बहनें भी शामिल हैं) हिस्सा ले रहे हैं। इस ट्रेनिंग का मकसद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), फ़ोटोग्राफ़ी, ग्राफ़िक डिज़ाइन, कंटेंट क्रिएशन और सोशल मीडिया कम्युनिकेशन में कौशल विकसित करना है।
पूरे देश में सिविल सोसाइटी के कार्यकर्ताओं ने छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम के अध्यक्ष और वरिष्ठ ईसाई नेता अरुण पन्नालाल की गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत पर चिंता जताई है। उन्हें 7 अगस्त की देर रात रायपुर स्थित उनके घर से हिरासत में लिया गया था।
पश्चिम बंगाल में ईसाई 'हाउस फेलोशिप' (घरों में होने वाली प्रार्थना सभाओं) को डराने-धमकाने की दो चिंताजनक घटनाओं की 'बंगिया क्रिस्टिया परिसेवा' (BCP) ने कड़ी निंदा की है। BCP ने नफ़रत फैलाने वाले अभियानों के खिलाफ सतर्क रहने और नागरिक समाज से बंगाल में सांप्रदायिक सद्भाव की परंपरा को बनाए रखने की अपील की है।
क्या भारत के ईसाई, जिनकी आबादी कुल आबादी का सिर्फ़ 2.3% है, हिंदुओं को धर्म बदलने के लिए मजबूर कर सकते हैं? खासकर तब, जब स्थानीय पुलिस कॉन्स्टेबल से लेकर एग्जीक्यूटिव, ज्यूडिशियरी और भारत के राष्ट्रपति तक, लगभग सभी अधिकारी बहुसंख्यक धर्म से हों?
सिलीगुड़ी के सलेशियन कॉलेज (ऑटोनॉमस) के इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP) विभाग ने 10 अगस्त से शुरू हुए पांच दिन के इंडक्शन प्रोग्राम के साथ अपने 18 छात्रों के पहले बैच का स्वागत किया।
पूरे देश में दलित ईसाइयों और दलित मुसलमानों ने 10 अगस्त को "प्रार्थना और विरोध का राष्ट्रीय दिवस" (National Day of Prayer and Protest) मनाया। इस दौरान उन्होंने दलित ईसाइयों और दलित मुसलमानों को अनुसूचित जाति (SC) का दर्जा देने की अपनी पुरानी मांग को फिर से दोहराया।