बॉम्बे हाई कोर्ट ने चार ईसाइयों के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही को खारिज कर दिया है। इन पर आरोप था कि उन्होंने एक हिंदू जोड़े को ईसाई धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया था। अदालत ने फैसला सुनाया कि अपने धर्म का प्रचार करना, अपने आप में, नागरिकों के किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को आहत करने जैसा अपराध नहीं है।
दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में मतदाता सूची के बड़े पैमाने पर संशोधन के दौरान कथित गड़बड़ियों का विरोध कर रहे युवाओं के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई की, देश के सबसे बड़े कैथोलिक संगठन ने निंदा की है।
मद्रास उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि एक दिवंगत पुरोहित के फिक्स्ड डिपॉजिट खाते में मौजूद रकम पर कैथोलिक धार्मिक संस्था का अधिकार है। अदालत ने पादरी के उन रिश्तेदारों को 56 लाख रुपये (63,000 अमेरिकी डॉलर) वापस करने का आदेश दिया है, जिन्होंने खुद को उनका कानूनी वारिस बताकर यह रकम निकाल ली थी।
उत्तर प्रदेश राज्य की एक उच्च अदालत ने ईसाई समुदाय की उस अपील को खारिज कर दिया है, जिसमें कब्रिस्तान के लिए सरकारी बंजर ज़मीन आवंटित करने की मांग की गई थी। अदालत ने इसके पीछे कानूनी पाबंदियों का हवाला दिया है।
छत्तीसगढ़ राज्य की एक अदालत ने एक ईसाई नेता को जमानत दे दी है। उन पर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी पोस्ट करने का आरोप था, जिसके चलते उन्हें दो महीने से अधिक समय तक जेल में रहना पड़ा। पुलिस का कहना है कि इस टिप्पणी से हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई थीं।
भोपाल की सिस्टर पुष्पांजलि पॉल (SSpS) और जबलपुर के वरिष्ठ पत्रकार फ्रांसिस ज़ेवियर जोसेफ को ईसाई संगीत, पवित्र कला, पत्रकारिता, साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए 'आत्मदर्शन लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड्स' के लिए नामांकित किया गया है।
पोप लियो 14वें ने 13 अक्टूबर को परमधर्मपीठीय ग्रेगोरियन यूनिवर्सिटी में धन्य पोप जॉन पॉल प्रथम पर आयोजित एक कॉन्फ्रेंस को एक संदेश भेजा, और सभी लोगों एवं संस्थाओं से शांति को बचाने और बढ़ावा देने हेतु अपना सहयोग देने की अपील की।
पोप लियो 14वें के फेफड़े में “छोटी, स्थानीयकृत गांठ” की सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी हुई। वाटिकन प्रेस कार्यालय ने शाम 8 बजे बतलाया कि पोप लियो के फेफड़े की गांठ को हटाने के लिए सर्जरी "उम्मीद के मुताबिक समय और तरीके से" पूरा हो गया, "संत पापा अपने कमरे में लौट आए हैं।"