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नारी: सृष्टि की आधारशिला, शक्ति और संवेदना का स्वरूप

नारी इस सृष्टि की सबसे सुंदर, संवेदनशील और शक्तिशाली रचना है। वह केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की आधारशिला है। नारी जीवन के हर क्षेत्र में अपनी महत्ता सिद्ध करती आई है। वह माँ है, बहन है, बेटी है, पत्नी है, मित्र है और समाज की निर्माता भी है। उसकी करुणा, त्याग, प्रेम, धैर्य और साहस मानव जीवन को दिशा देते हैं। भारतीय संस्कृति में नारी को देवी का स्वरूप माना गया है। उसे शक्ति, लक्ष्मी और सरस्वती के रूप में पूजनीय स्थान दिया गया है। वास्तव में नारी केवल सम्मान की पात्र नहीं, बल्कि समाज की प्रगति का मूल आधार है।
Apr 28, 2026
  • पोप लियो 14वें युवाओं से : सच्ची खुशी सोशल मीडिया से नहीं,बल्कि ईश्वर से मिलती है

    Jun 22, 2026
    50वें स्टुबेनविले ग्रीष्मकालीन युवा सम्मेलन के प्रतिभागियों को भेजे एक वीडियो संदेश में, पोप लियो 14वें ने मुश्किल हालात का सामना मुस्कुराकर करने का 'रहस्य' बताया और इसमें शामिल सभी युवाओं को भरोसा दिलाया कि 'अगर हमें यह पक्का यकीन है कि ईश्वर अपने प्यारे बच्चों की तरह हमारी परवाह करते हैं, तो हम मुश्किल हालात में भी घबराएंगे या निराश नहीं होंगे।'
  • अस्पतालों की अपनी एक अलग बात होती है

    Jun 22, 2026
    अपनी सेहत की ज़िम्मेदारी दूसरों के हाथों में सौंपने और बेबस महसूस करने का एक अलग ही अहसास होता है—खासकर तब, जब आपके हाथों में ट्यूब लगी हों और छाती से तार जुड़े हों। जब टॉयलेट जाने के लिए भी आपको नर्सों की मदद की ज़रूरत हो।
  • कोलकाता के गरीबों को पोषण देता है मिड-डे मील

    Jun 08, 2026
    दोपहर के समय कोलकाता के सियालदह रेलवे स्टेशन के बाहर, 62 साल के फुटपाथ पर रहने वाले रफीक अली ने गर्म चावल और आलू की सब्जी से भरी एल्युमीनियम की प्लेट थाम रखी है। उनकी आँखों में चमक आ जाती है जब वे कहते हैं, "दिन भर में मुझे बस यही एक बार खाना मिलता है। इसके बिना मैं भूखा रह जाता। वे हमारे साथ इंसानों जैसा बर्ताव करते हैं, भिखारियों जैसा नहीं।"

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