पोप ने यूक्रेन एवं युद्धग्रस्त क्षेत्रों में शांति की अपील की
देवदूत प्रार्थना के उपरांत पोप ने ईश वचन रविवार की याद दिलायी तथा यूक्रेन के युद्ध पीड़ित लोगों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए शांति के लिए प्रार्थना करने का आह्वान किया।
पोप ने कहा, “इस रविवार, जो सामान्य काल का तीसरा रविवार है ईश वचन का रविवार है। सात साल पहले पोप फ्राँसिस ने इसकी स्थापना की थी ताकि पूरी कलीसिया में पवित्र धर्मग्रंथ के ज्ञान को बढ़ावा दिया जा सके और धर्मविधि एवं सामुदायिक जीवन में ईश वचन पर अधिक ध्यान दिया जा सके।”
पोप लियो ने कहा, “मैं उन सभी को धन्यवाद देता हूँ और हिम्मत बंधाता हूँ जो विश्वास एवं प्यार से इस प्राथमिकता के लिए समर्पित हैं।”
फिर यूक्रेन के लोगों की याद करते हुए कहा, “इन दिनों भी, यूक्रेन पर लगातार हमले हो रहे हैं, जिससे पूरी जनता सर्दियों की ठंड में फंसी हुई है। मैं दुःख के साथ हालात पर नजर रख रहा हूँ, और जो लोग परेशान हैं, मैं उनके करीब हूँ और उनके लिए प्रार्थना करता हूँ। दुश्मनी जारी रहने से, आम लोगों के लिए गंभीर नतीजे हो रहे हैं, लोगों के बीच दरारें बढ़ रही हैं और एक सही एवं स्थायी शांति के मौके को और पीछे धकेल रही है। मैं सभी को इस युद्ध को खत्म करने के लिए अपनी कोशिशें तेज करने के लिए आमंत्रित करता हूँ।
विश्व कुष्ट रोग दिवस
उसके बाद पोप ने विश्व कुष्ट रोग दिवस की याद की जिसको 25 जनवरी को मनाया गया। पोप ने कहा, “मैं इस बीमारी से पीड़ित सभी लोगों के प्रति अपना आध्यात्मिक सामीप्य व्यक्त करता हूँ। मैं इटालियन संघ - फ्रेंड्स ऑफ राउल फोलेरो और उन सभी लोगों का समर्थन करता हूँ जो कुष्ट रोगियों की देखभाल करते हैं, खासकर रोगियों की इज्जत बचाने के लिए।
तत्पश्चात् पोप ने रोम के विश्वासियों और अलग-अलग देशों से आए तीर्थयात्रियों का अभिवादन किया!
हर जगह शांति निर्माता बनें
उन्होंने रोम के काथलिक एक्शन दल के युवाओं का अभिवादन किया जो अपने माता-पिता, शिक्षकों तथा पुरोहितों के साथ आये थे जिन्होंने शांति के लिए काफिला का आयोजन किया था। पोप ने कहा, “प्यारे बच्चो और युवाओ, मैं आपका शुक्रिया अदा करता हूँ क्योंकि आप हम बड़ों को दुनिया को एक अलग नजरिए से देखने में मदद करते हैं: आपस में और भिन्न-भिन्न प्रकार के लोगों के बीच सहयोग का नजरिया। धन्यवाद! घर पर, स्कूल में, खेल मैदान में, हर जगह शांति निर्माता बनें। कभी भी हिंसक न बनें, न तो बातों से और न ही इशारों से। कभी नहीं! बुराई को सिर्फ अच्छाई से ही हराया जा सकता है।”
ख्रीस्तीय एकता प्रार्थना में भाग लेनेवालों को धन्यवाद
उसके बाद सभी लोगों को शांति के लिए प्रार्थना करने का प्रोत्साहन देते हुए कहा, “इन बच्चों के साथ मिलकर, आइए हम शांति के लिए प्रार्थना करें: यूक्रेन में, मध्यपूर्व में, और हर उस इलाके में जहाँ बदकिस्मती से, ऐसे हितों के लिए लड़ाई चल रही है जो लोगों के नहीं हैं। शांति लोगों के सम्मान पर बनती है!”
अंत में पोप ने ख्रीस्तीय एकता प्रार्थना सप्ताह के समाप्त की याद करते हुए परम्परा के अनुसार, संत पौल महागिरजाघर में संध्या वंदना की याद दिलायी, जिसमें दूसरे ख्रीस्तीय समुदाय के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। संत पापा ने इस ख्रीस्तीय एकता प्रार्थना सप्ताह में भाग लेनेवाले सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद दिया तथा सभी को शुभ रविवार की मंगल कामनाएँ अर्पित की।