प्रार्थना और सामाजिक न्याय अविभाज्य हैं, पोप लियो
अमरीका से वाटिकन पधारे सन्त विन्सेन्ट दे पौल को समर्पित धर्मसमाजी पुरोहितों, धर्मबहनों एंव लोकधर्मियों के प्रतिनिधियों से पोप लियो 14 वें ने कहा कि प्रार्थना और सामाजिक न्याय को अलग नहीं किया जा सकता।
संयुक्त राज्य अमरीका से वाटिकन पधारे सन्त विन्सेन्ट दे पौल को समर्पित धर्मसमाजी पुरोहितों, धर्मबहनों एंव लोकधर्मियों के प्रतिनिधियों का शुक्रवार को अभिवादन करते हुए पोप लियो 14 वें ने कहा कि प्रार्थना और सामाजिक न्याय को अलग नहीं किया जा सकता।
शानदार साक्ष्य
सम्पूर्ण अमरीका में धर्मसमाज के सेवाकार्यों की सराहना कर पोप ने कहा कि धर्मसमाज के सदस्य अपनी उदार सेवाओं द्वारा इस पृथ्वी पर ईश राज्य के निर्माण एवं ईश्वर में विश्वास का शानदार साक्ष्य प्रस्तुत करते हैं।
प्रार्थना का आग्रह करते हुए पोप ने धर्मसमाजियों से कहा, "मैं आपको प्रभु ईश्वर के साथ अपने रिश्ते को और गहरा करने के लिए प्रोत्साहित करता हूँ ताकि उनकी कृपा आपकी सेवा को रास्ता दिखाती रहे और उसे मज़बूत करती रहे। सन्त विन्सेन्ट दे पौल ने दिखाया कि प्रार्थना और सामाजिक न्याय सिर्फ़ एक-दूसरे के पूरक नहीं हैं, बल्कि वास्तव में, एक-दूसरे से अलग नहीं किए जा सकते, अस्तु, मेरी आशा है कि आप उनके पदचिन्हों पर चलकर उनसे मदद माँगने के लिए लगातार अपने स्वर्गीय संरक्षक की ओर मुड़ेंगे।
दिलेक्सी ते
अपने विश्व पत्र दिलेक्सी ते का उल्लेख कर पोप ने कहा कि सन्त अगस्टीन ने निर्धनों एवं दीन-दुखियों की सेवा और देखभाल की ख्रीस्त-केन्द्रित प्रकृति का पाठ सिखाया और यह माना कि जो लोग ग़रीबों की सेवा करते हैं, उनके प्रति ईश्वर उदारता में पीछे नहीं रहेंगे, इसलिए हमारा विश्वास है कि जब प्रेम से दूसरों की देखभाल की जाती है, तो इससे न केवल ज़रूरतमंदों की मदद होती है, बल्कि सेवा करनेवाले का दिल भी ईश कृपा के प्रति खुल जाता है (दे. अंक 46)।
पोप ने कहा, प्रिय मित्रो, मैं आपसे निवेदन करता हूँ कि आप सदैव खुद को अर्पित कर दें। इस तरह, प्रभु की कृपा आपके मनोमस्तिष्क को अनवरत शुद्ध करेगी, और आप अपने पड़ोसी में येसु मसीह को अधिक आसानी से पहचान पाएँगे, उन लोगों में जिनकी आप सेवा करते हैं और जिनके साथ आप काम करते हैं।
पोप ने कहा, "स्मरण रखें कि मेरी प्रार्थनाएँ सदैव आपके साथ और उन सब लोगों के साथ हैं जिनकी आप देखभाल करते हैं।" अन्ततः, सन्त विन्सेन्ट दे पौल धर्मसमाज के सदस्यों पर माँ मरियम की मध्यस्थता की याचना कर सन्त पापा ने सबको अपना प्रेरितिक आशीर्वाद प्रदान किया।
