पोप लियोः मरियम की शुद्धता, स्वर्गराज्य का मार्ग
कस्तेल गंदोल्फो के भिल्लानोभा पल्ली में पोप लियो 14वें ने मरियम के स्वर्गोद्ग्रहण का मिस्सा बलिदान अर्पित किया और माता मरियम के स्वर्ग में स्थापित किये जाने को मानवीय जीवन का लक्ष्य घोषित किया।
पोप लियो 14वें कस्तेल गंदोल्फो के भिल्लानोभा पल्ली में माता मरियम के स्वर्गोद्ग्रहण का ख्रीस्तीयाग अर्पित किया।
पोप ने अपने प्रवचन में कहा कि मैं अपार खुशी में आप सभों के संग पुनः इस वर्ष माता मरियम के स्वर्गोद्ग्रहण का महोत्सव मनाता हूँ।
कलीसिया का धर्मसिद्धांत हमें यह शिक्षा देती है कि “पृथ्वी पर अपने जीवन यात्रा समाप्त करने के बाद, वह शरीर और आत्मा में स्वर्गीय महिमा में उठा ली जाती है” (प्रेरितिक प्रबोधन, मुनिफिसेंतीस्सीमुस देऊस, 01 नवम्बर, 1950, पोप पियुस 12वें) इस भांति यह हमें निष्कंलक गर्भागमन में, उन्हें प्राप्त सर्वश्रेष्ठ कृपा की परिपूर्णतः के रहस्य को व्यक्त करता है।
मरियम की कलाकृति
पोप ने कहा कि इसी कारण, बहुत से कला के कार्य उन्हें सुंदर युवा नारी स्वरुप प्रस्तुत करते हैं जो पृथ्वी पर अपने जीवन की समाप्ति उपरांत शारीरिक रुपमें स्वर्ग की ओर उठायी जाती हैं। इन कलाकृतियों को हम प्रकाशना ग्रंथ की पुस्तिका में वर्णित दृश्य से प्रभावित पाते हैं जिसे हमने पहले पाठ में सुन, “सूर्य का वस्त्र ओढ़े एक महिला दिखाई पड़ी” (प्रका.12.1)। यह हमारे लिए इस बात की ओर इंगित कराता है कि मरियम के हृदय में, स्वर्ग और पृथ्वी, समय और अनंत का मिलन होता है
मरियम के संग हमारी समानता
इस पृथ्वी पर यह निशानी हमारे समय के बीतते अनुभवों के संग विरोधाभाव जान पड़ती है। जैसे हम उम्र में बढ़ते हैं, हमारे शरीर फुर्तीले नहीं रह जाते हैं, हमारी त्वचा ताजी नहीं लगती है, बल्कि हम उनमें बुढ़ापे की निशानी को पाते हैं, हमारे केश रंग और चमकदार नहीं रह जाते हैं, अपितु वे भुरे और सफेद हो जते हैं। अतः कलीसियाओं की वेदी में प्रस्तुत किये गये सुंदर युवा नारी के संग हम अपनी कौन सी समानता को पाते हैंॽ
पोप लियो ने कहा इस तथ्य को समझने हेतु हमें अपने को दो निशानियों के संग संयुक्त करने की जरुरी है जिसकी चर्चा हमने की है- ईश्वर की माता का अनश्वर शरीर और उनका निष्कंलक हृदय। यह हृदय की पवित्रता है जो मरियम और हममें ईश्वरीय कृपा में व्याप्त रहती है, जो पूरे व्यक्ति को प्रज्जवलित और परिवर्तित करती है, यह हमें स्वर्गराज्य की महिमा में ले चलती है।
