पोप ने की इतालवी समाचार पत्र में प्रेस की स्वतंत्रता की सराहना

पोप लियो 14वें ने इतालवी अखबार ला रिपुब्लिका की 50वीं सालगिरह पर शुभकामनाएँ भेजी हैं, और उम्मीद जताई है कि प्रेस “हमेशा ऐसे संचार को बढ़ावा दे जो स्वतंत्र और बातचीत वाला हो, सच की खोज से प्रेरित हो और बिना किसी भेदभाव के हो।”

इटली, दुनिया और कलीसिया के इतिहास को बतलाने के 50 साल; पाठकों के साथ लगातार रिश्ता; पूछताछ की आजादी; और शांति निर्माण के लिए बातचीत का खास रास्ता।

ये ऐसे शीर्षक हैं जिन पर पोप लियो 14वें ने इतालवी अखबार ला रिपुब्लिका की 50वीं सालगिरह पर उसके संपादक मारियो ओर्फेयो को दिए संदेश में बात की है।

एक खास जगह
अपने पत्र में, पोप ने उन पत्रकारों को शुभकामनाएँ दीं हैं जिन्होंने आधी शताब्दी का इतिहास बतलाया है, “अपने पाठकों के साथ ऐसा रिश्ता बनाया है जिसने आपको यहाँ तक ​​पहुँचाया है।”

पोप ने लिखा, “आपका अखबार कई शहरों में फैला हुआ है, लेकिन इसका मुख्यालय रोम में है जो पोप का धर्मप्रांत है, और इटली एवं दुनियाभर की घटनाओं को देखने के लिए एक खास जगह है। आपने इन पचास सालों के पन्ने पढ़े हैं, और कलीसिया के इतिहास को स्वतंत्र रूप से प्रस्तुत किया है।”

प्रेस की आजादी
पोप ने कहा कि आजादी, कहानी सुनाना और दुनिया को देखने का एक अलग नजरिया प्रेस की स्वतंत्रता के केंद्र में है।

उन्होंने लिखा, “अलग-अलग राय, नजरिए और संस्कृति के बावजूद, प्रेस को हमेशा पारदर्शिता और ईमानदारी से काम करना चाहिए।”

पोप लियो ने आगे कहा कि प्रेस को “बातचीत का वह मौका देना चाहिए, जिससे दुश्मनी न हो, आम भलाई और मानव परिवार की एकता में मदद मिले। इस तरह, बातचीत झगड़े को खत्म करती है और शांति बनाती है।”

अपने संदेश को खत्म करते हुए, पोप ने उम्मीद जताई है कि अखबार “हमेशा एक ऐसा संचार बनाए जो आजाद और बातचीत वाला हो, सच की खोज से जुड़ा हो और बिना किसी भेदभाव के हो। पचासवीं सालगिरह मुबारक!”

रोम में प्रदर्शनी
अपनी पचासवीं सालगिरह मनाने के लिए, अखबार ने रोम के मटाटोइओ में ला रिपुब्लिका: ए हिस्ट्री ऑफ़ द फ्यूचर नाम से एक प्रदर्शनी लगाई है।

15 मार्च तक चलनेवाली इस मल्टीमीडिया प्रदर्शनी में अखबार के इतिहास के खास पलों की तस्वीरें और अखबार के पेज दिखाए गए हैं।