कैसर का कर

सन्त मत्ती के अनुसार पवित्र सुसमाचार

22:15-21

उस समय फरीसियों ने जा कर आपस में परामर्श किया कि हम किस प्रकार ईसा को उनकी अपनी बात के फन्दे में फँसायें।

इन्होंने ईसा के पास हेरोदियों के साथ अपने शिष्यों को यह प्रश्न पूछने भेजा, "गुरुवर! हम यह जानते हैं कि आप सत्य बोलते हैं और सच्चाई से ईश्वर के मार्ग की शिक्षा देते हैं। आप को किसी की परवाह नहीं। आप मुँह-देखी बात नहीं करते।

इसलिए हमें बताइए, आपका क्या विचार है- कैसर को कर देना उचित है या नहीं"

उनकी धूर्त्तता भाँप कर ईसा ने कहा, "ढ़ोगियों! मेरी परीक्षा क्यों लेते हो?

कर का सिक्का मुझे दिखलाओ।" जब उन्होंने एक दीनार प्रस्तुत किया,

तो ईसा ने उन से कहा, "यह किसका चेहरा और किसका लेख है?"

उन्होंने उत्तर दिया, "कैसर का"। इस पर ईसा ने उन से कहा, "तो, जो कैसर का है, उसे कैसर को दो और जो ईश्वर का है, उसे ईश्वर को"।

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