कलीसिया के नेताओं ने दिल्ली में युवाओं को डिजिटल नागरिकता के लिए प्रशिक्षित किया

नई दिल्ली, 29 अप्रैल, 2026: दिल्ली में कलीसिया के नेता युवाओं को डिजिटल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करने और सामाजिक जागरूकता, संवैधानिक अधिकारों तथा अंतर-धार्मिक सद्भाव के क्षेत्र में सशक्त बनने के लिए प्रशिक्षित कर रहे हैं।

SVD सद्भावना दिल्ली एक 'डिवाइन वर्ड' केंद्र जो विशेष रूप से युवाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए निर्माण, प्रशिक्षण, संवाद और सामाजिक पहलों के लिए एक केंद्र (हब) के रूप में कार्य करता है—ने दस दिवसीय कार्यक्रम "डिजिटल नागरिकता और सामाजिक सद्भाव के लिए युवाओं का सशक्तिकरण" का आयोजन किया।

19 से 28 अप्रैल तक आयोजित इस कार्यक्रम में बिहार, चंडीगढ़, जालंधर, जम्मू और कश्मीर, दिल्ली तथा फरीदाबाद से 22 प्रतिभागी एक साथ शामिल हुए।

इस पहल में रचनात्मकता, सीखने की प्रक्रिया और आध्यात्मिक विकास का मेल था। सत्रों में सामाजिक जागरूकता, पर्यावरणीय जिम्मेदारी, फोटोग्राफी, ग्राफिक डिजाइन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), आलोचनात्मक सोच, मीडिया निर्माण और सोशल मीडिया के माध्यम से वकालत जैसे विषय शामिल थे।

कुछ विशेषज्ञों ने सामाजिक अधिकारों और भेदभाव के प्रति जागरूकता पर बात की, जबकि अन्य ने एकता और सृष्टि की देखभाल पर जोर दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को व्यावहारिक कौशल—जैसे फोटोग्राफी, Canva डिजाइन, OpenAI, Anthropic और Google जैसे AI टूल्स, तथा स्टूडियो निर्माण की तकनीकों—में भी मार्गदर्शन दिया।

विकासपुरी की प्रतिभागी आरती ने इस कार्यक्रम को "सीखने का एक परिवर्तनकारी अनुभव" बताया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम ने "सार्थक और प्रभावशाली सामग्री बनाने" तथा "जागरूकता बढ़ाने, सकारात्मक बदलाव लाने और अपने समुदाय के विकास व सशक्तिकरण में योगदान देने" के लिए उनके आत्मविश्वास को मजबूत किया है।

इस कार्यक्रम का समापन, जिम्मेदार डिजिटल जुड़ाव, नेतृत्व और आस्था-प्रेरित सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति एक नए संकल्प के साथ हुआ।