वाटिकन ने दादा-दादी एवं बुजूर्गों के लिए 6वें विश्व दिवस की विषयवस्तु प्रकाशित की

वाटिकन के लोकधर्मी, परिवार और जीवन विभाग ने 10 फरवरी को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दादा-दादी एवं बुजूर्गों के लिए 6वें विश्व दिवस की विषयवस्तु प्रकाशित की।दादा-दादी एवं बुजूर्गों के लिए 6वें विश्व दिवस की विषयवस्तु है, “मैं तुम्हें कभी नहीं भुलाऊँगा।” (इसा. 49:15)

लोकधर्मी, परिवार और जीवन के लिए गठित परमधर्मपीठीय विभाग ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा, “विषयवस्तु का चुनाव पोप लियो 14वें ने दादा-दादी और बुजुर्गों के छठे विश्व दिवस के लिए की है, जो इस बात पर जोर देती है कि बुढ़ापे की कमजोरी में भी, ईश्वर का प्यार हर इंसान के लिए कभी कम नहीं होता।”

नबी इसायस के ग्रंथ से लिया गया यह वाक्यांश सभी दादा-दादी और बुजुर्गों के लिए, खासकर उन लोगों के लिए जो अकेले रहते हैं या खुद को भुला दिये गये महसूस करते हैं, दिलासा और उम्मीद का संदेश है। साथ ही, यह परिवारों और कलीसियाई समुदायों को याद दिलाता है कि उन्हें न भूलाया जाए, उनकी मूल्यवान उपस्थिति और आशीर्वाद को पहचानें।

प्रेस विज्ञाप्ति में बताया गया है कि दादा-दादी एवं बुजूर्गों के लिए 6वें विश्व दिवस की स्थापना 2021 में संत पापा फ्राँसिस ने की थी जिसको जुलाई के चौथे रविवार को मनाया जाता है। यह बुजुर्ग लोगों के साथ कलीसिया की नजदीकी और परिवारों एवं समुदायों में उनके योगदान को याद करने एक मौका देता है। इस साल, यह तारीख रविवार, 26 जुलाई को संत ज्वाकिम और अन्ना के त्योहार के दिन पड़ेगा। संत पापा ने सभी को हर धर्मप्रांत के महागिरजाघर में ख्रीस्तयाग के साथ इस दिन को मनाने के लिए आमंत्रित किया है।

लोकधर्मी, परिवार और जीवन के लिए गठित विभाग ने दुनियाभर के स्थानीय कलीसियाओं, संघों और कलीसियाई समुदायों से इस दिन को मनाने के तरीके खोजने की अपील की है और कहा है कि बाद में विशेष प्रेरितिक सामग्री प्रदान की जायेगी।