अगर आज की दुनिया में कलीसिया को अपनी विश्वसनीयता बनाए रखनी है, तो उसे एशिया में गरीबों, प्रवासियों और जलवायु संकट से सबसे ज़्यादा प्रभावित लोगों के लिए एक मज़बूत आवाज़ के तौर पर अपनी भूमिका निभानी होगी। यह बात 'फेडरेशन ऑफ़ एशियन बिशप्स कॉन्फ़्रेंस' (FABC) की 12वीं पूर्ण सभा में मिसेरिओर के महानिदेशक फादर डॉ. एंड्रियास फ्रिक ने प्रतिभागियों से कही।