उत्तर-पूर्वी भारत के मेघालय में स्थित 'तुरा डायोसिस' ने 23-24 अक्टूबर को दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें धार्मिक समूहों के प्रमुखों, पुरोहितों और सिस्टर्स को एक साथ लाया गया, ताकि पैरिश के कार्यों में आपसी सहयोग को मजबूत किया जा सके और पास्टोरल-सेवा के लिए साझा जिम्मेदारी को बढ़ावा दिया जा सके।