देश-विदेश वैटिकन में नियुक्ति के बाद सिस्टर मारिया निर्मलिनी ने कहा- "हम 'मैं' बनकर यह सफ़र तय नहीं कर सकते; यह 'हम' होना चाहिए।" "हम 'मैं' बनकर यह सफ़र तय नहीं कर सकते; "यह 'हम' होना चाहिए।" यही सोच सिस्टर मारिया निर्मलिनी A.C. के 'कॉन्सेक्रेटेड लाइफ' (ईश्वर को समर्पित जीवन) के भविष्य के विज़न का आधार है, और अब यही सोच पूरी दुनिया के चर्च के लिए उनकी सेवा को भी आकार देगी।