प्रत्येक युद्ध नैतिक और मानवीय विफलता है

महाधर्माध्यक्ष पौल गालाघार ने रूस द्वारा बड़े पैमाने पर यूक्रेन हमले की चौथी सालगिरह पर यूरोपीय सुरक्षा एवं सहयोग संगठन "ओशे" की स्थायी समिति को संबोधित करते हुए यूक्रेन में न्यायपूर्ण और स्थायी शांति की अपील की।

वाटिकन के वरिष्ठ महाधर्माध्यक्ष पौल गालाघार ने रूस द्वारा बड़े पैमाने पर यूक्रेन हमले की चौथी सालगिरह पर यूरोपीय सुरक्षा एवं सहयोग संगठन "ओशे" की स्थायी समिति को संबोधित करते हुए यूक्रेन में न्यायपूर्ण और स्थायी शांति के लिए सही रास्ते खोजने की अपील की।

शांति संकल्प
24 फरवरी को राज्यों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ संबंधों के लिए वाटिकन के सचिव महाधर्माध्यक्ष पौल गालाघार ने ओशे की 1554 वीं बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से यूक्रेन में शांति की दिशा में ठोस कदम उठाने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, "परमधर्मपीठ सभी पार्टियों से अपील करती है कि वे ईमानदार और सबको साथ लेकर चलने वाले कूटनैतिक माध्यम बनाए रखने के लिए ज़रूरी राजनैतिक संकल्प प्रदर्शित करें जिसका लक्ष्य एक उचित और दीर्घकालीन समय तक चलने वाली शांति हो।"

महाधर्माध्यक्ष गालाघार ने कहा, “हर युद्ध एक नैतिक और मानवीय विफलता है।"

ठोस कदम उठाये जायें
महाधर्माध्यक्ष गालाघार ने इस बात पर ज़ोर दिया कि शांति के लिए “ठोस कदम उठाए जाने चाहिए” और कहा कि “जिन लोगों पर सबसे बड़ी सार्वजनिक ज़िम्मेदारी है उन्हें लगातार कूटनैतिक  बातचीत के साथ-साथ तुरंत मानवीय मदद को प्राथमिकता देनी चाहिए ताकि सद्भावना को शांति के लिए ऐसे इंतज़ामों में बदला जा सके जिन्हें सत्यापित किया जा सके और जो लंबे समय तक चल सके।”

उन्होंने कहा कि “बातचीत ज़िम्मेदारियों को ईमानदारी से पूरा करने पर आधारित होनी चाहिए।” इस अर्थ में उन्होंने कहा, परमधर्मपीठ का मानना ​​है कि यूरोपीय सुरक्षा एवं सहयोग संगठन "ओशे" बातचीत को आसान बनाने, भरोसा कायम रखने और सुरक्षा बहाल करने के उपायों को लागू करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

महाधर्माध्यक्ष ने अपना सम्बोधन समाप्त करते हुए कहा कि मानव जीवन की पवित्रता और मानव प्रतिष्ठा का सम्मान करते हुए परमधर्मपीठ सभी पार्टियों से अपील करती है कि वे तत्काल शांति की ओर ले जाने वाले रास्तों की सच्ची खोज से प्रेरित बातचीत का प्रयत्न करें।