एजेंटों और अधिकारियों के एक गुप्त नेटवर्क ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर अवैध घुसपैठ को अरबों रुपये का धंधा बना दिया था। अंदरूनी सूत्रों ने दशकों से चल रही घुसपैठ, जाली दस्तावेजों और भारी मुनाफे का खुलासा किया है, जिस पर अब राजनीतिक बदलाव के कारण रोक लग गई है।