विदेशी फंड से जुड़ी चिंताओं के बीच बिशपों ने प्रार्थना दिवस मनाया

नई दिल्ली, 28 जून, 2026: देशव्यापी 'राष्ट्रीय प्रार्थना दिवस' के तहत, कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ़ इंडिया (CBCI) ने 28 जून को नई दिल्ली में नौ घंटे की लगातार पवित्र संस्कार की आराधना शुरू की, जिसमें कलीसिया और देश के लिए प्रार्थना की गई।

यह आयोजन 'विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम संशोधन विधेयक, 2026' (FCRA संशोधन बिल) को लेकर जताई गई चिंताओं के बाद किया गया, जिसके चलते CBCI ने पूरे देश में एकजुट होकर प्रार्थना करने का आह्वान किया। कैथोलिकों से आग्रह किया गया कि वे देश को 'धन्य वर्जिन मैरी' (माता मरियम) की मध्यस्थता को सौंपें, जिन्हें 'भारत की रानी' के रूप में सम्मानित किया जाता है।

CBCI केंद्र में, डिप्टी सेक्रेटरी जनरल फादर मैथ्यू कोयिकल ने शुरुआती प्रार्थना का नेतृत्व किया और नेताओं तथा नागरिकों के लिए मार्गदर्शन, सुरक्षा और बुद्धिमत्ता की कामना की। पूरे दिन पुरोहित, धार्मिक समुदाय के सदस्य, कर्मचारी और आम विश्वासी 'ब्लेस्ड सैक्रामेंट' (पवित्र संस्कार) के सामने मौन आराधना में शामिल हुए।

यह भक्ति कार्यक्रम शाम 6:00 बजे 'बेनेडिक्शन' (आशीर्वाद समारोह) और अंतिम आशीर्वाद के साथ संपन्न होगा। चर्च के नेताओं ने कहा कि यह पहल प्रार्थना में विश्वास को पुष्ट करती है और साथ ही भारत में सभी लोगों के लिए न्याय, सद्भाव, धार्मिक स्वतंत्रता और भलाई की कामना करती है।

CBCI मीडिया ने कहा कि यह प्रयास विभिन्न धर्मप्रांतों (डायोसिस) और समुदायों के बीच एकजुटता को दर्शाता है। यह कानूनी अनिश्चितता के प्रति शांतिपूर्ण प्रतिक्रिया और इस विविधतापूर्ण देश में लोकतांत्रिक मूल्यों तथा समाज सेवा के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता पर जोर देता है। आयोजकों ने बताया कि पूरे देश में पैरिश (चर्च समुदायों) में दिन भर लोगों की भागीदारी बनी रही।

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