सिविल सोसाइटी ने विदेशी फंड बिल में संपत्ति के अधिकार हस्तांतरण के प्रावधानों पर सवाल उठाए

नई दिल्ली, 26 सितंबर, 2026: सिविल सोसाइटी गठबंधन 'नट्टई कप्पम' (राष्ट्र बचाओ) ने संसद से 'विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन विधेयक (FCRA), 2026' के प्रावधानों पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इसका संपत्ति हस्तांतरण का ढांचा चैरिटेबल संस्थाओं, अल्पसंख्यक स्कूलों और पूजा स्थलों को नुकसान पहुंचा सकता है।

वकीलों, पत्रकारों, शिक्षाविदों और समाज सेवकों के मंच 'नट्टई कप्पम' ने 25 सितंबर को संयुक्त संसदीय समिति को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

समूह का तर्क है कि हालांकि विदेशी योगदान में पारदर्शिता और जवाबदेही सही लक्ष्य हैं, लेकिन प्रस्तावित कानून "एक ऐसी व्यवस्था बनाता है जिसके तहत FCRA सर्टिफिकेट रद्द होने या खत्म होने पर किसी चैरिटेबल संस्था की संपत्ति और संस्थागत एसेट्स को अंततः अपने कब्जे में लिया जा सकता है, उनका प्रबंधन किया जा सकता है, उन्हें ट्रांसफर किया जा सकता है या बेचा जा सकता है।"

ज्ञापन में धारा 14B को लेकर चिंता जताई गई है, जिसके तहत अगर रिन्यूअल (नवीनीकरण) के लिए आवेदन नहीं किया जाता है या रिन्यूअल नहीं मिलता है, तो FCRA सर्टिफिकेट खत्म माना जाता है।

समूह ने चेतावनी दी कि रिन्यूअल न होने पर संपत्ति हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू हो सकती है, "भले ही धोखाधड़ी, फंड के गलत इस्तेमाल या आपराधिक दुरुपयोग का कोई मामला न पाया गया हो।"

उन्होंने इस क्लॉज को हटाने या किसी भी प्रतिकूल कार्रवाई से पहले उचित प्रक्रिया, नोटिस और अपील के अधिकार सुनिश्चित करने की सिफारिश की।

सबसे गंभीर आपत्ति धारा 16A पर थी, जो एक 'नामित प्राधिकरण' (Designated Authority) के पास संपत्ति के अस्थायी और स्थायी हस्तांतरण की अनुमति देती है।

'नट्टई कप्पम' ने चेतावनी दी कि विदेशी फंड से बने लेकिन घरेलू संसाधनों से चल रहे स्कूलों, अस्पतालों, हॉस्टलों और सेवा केंद्रों को जब्त किया जा सकता है।

ज्ञापन में कहा गया है, "घरेलू संसाधनों से आंशिक रूप से बनाई गई संपत्ति को केवल इसलिए स्थायी रूप से हस्तांतरित नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि उसकी मूल लागत का एक हिस्सा विदेशी योगदान से वित्तपोषित था।"

गठबंधन ने विदेशी और घरेलू फंड से आंशिक रूप से बनाई गई संपत्तियों को अलग करने में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों का भी मुद्दा उठाया।

उदाहरण के लिए, 40 प्रतिशत विदेशी दान और 60 प्रतिशत भारतीय योगदान से बने अस्पताल को भौतिक रूप से विभाजित नहीं किया जा सकता है। ज्ञापन में अनुचित जब्ती को रोकने के लिए कानूनी सुरक्षा उपायों का आग्रह किया गया।

इसके अलावा, समूह ने उन प्रावधानों का विरोध किया जो स्थायी रूप से हस्तांतरित संपत्तियों को सरकारी अधिकारियों को बेचने या ट्रांसफर करने की अनुमति देते हैं, और उससे प्राप्त राशि को भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India) में जमा किया जाता है। इसमें तर्क दिया गया कि दशकों से घरेलू दान और स्वैच्छिक श्रम से जमा की गई चैरिटेबल प्रॉपर्टी को सिर्फ़ FCRA के खत्म होने की वजह से नहीं खोना चाहिए।

संविधान के अनुच्छेद 30 के तहत सुरक्षित "पूजा स्थलों" और "अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों" के लिए विशेष चिंताएं जताई गईं। ज्ञापन में कहा गया कि प्रॉपर्टी का अपने-आप ट्रांसफर होना धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों के अधिकारों का उल्लंघन कर सकता है।

इसमें सुझाव दिया गया कि ऐसे संस्थानों को प्रॉपर्टी के स्थायी ट्रांसफर (vesting) से तब तक बाहर रखा जाए जब तक कि धोखाधड़ी या गंभीर दुरुपयोग साबित न हो जाए, और ऐसा केवल न्यायिक समीक्षा के बाद ही किया जाए।

अन्य मुद्दों में धारा 16F के तहत संवेदनशील रिकॉर्ड की गोपनीयता, धारा 16G के तहत 'डेज़िग्नेटेड अथॉरिटी' (नामित प्राधिकरण) में शक्तियों का केंद्रीकरण, और धारा 16K के तहत अपील का बेअसर होना (अगर मामलों के फैसले से पहले ही प्रॉपर्टी का निपटारा कर दिया जाए) शामिल थे।

समूह ने धारा 35 के तहत आपराधिक दंड में स्पष्ट अंतर और धारा 39 के तहत ट्रस्टियों और पदाधिकारियों की जवाबदेही पर सीमाएं तय करने की भी मांग की।

अपने 11 खास सुझावों में, 'नट्टई कप्पोम' ने प्रॉपर्टी के स्थायी ट्रांसफर के प्रावधानों को हटाने, नियमन को केवल बिना इस्तेमाल किए गए विदेशी योगदान तक सीमित रखने, ट्रांसफर से पहले न्यायिक निगरानी, ​​अपील के प्रभावी अधिकार, पूजा स्थलों और अल्पसंख्यक संस्थानों को बाहर रखने, गोपनीय रिकॉर्ड की सुरक्षा और नियमों के मामूली उल्लंघन के मामलों में उचित कार्रवाई करने की मांग की।

ज्ञापन के आखिर में कहा गया, "सिविल सोसाइटी संगठन भारत के लोकतांत्रिक और विकास के ढांचे का अहम हिस्सा हैं।" साथ ही, कानून बनाने वालों से आग्रह किया गया कि वे नियमों को संवैधानिक सिद्धांतों, संपत्ति के अधिकारों और संस्थानों की स्वायत्तता के अनुरूप बनाएं।

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