भारतीय बिशपों ने बंगाल बाइबल सम्मेलन पर हुए हमले की निंदा की

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर, 2026: कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया (CBCI) ने पश्चिम बंगाल में ईसाइयों के एक कार्यक्रम में बाधा डालने की घटना की निंदा की है। साथ ही, नादिया जिले में हुए बाइबल सम्मेलन के दौरान हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

CBCI के अनुसार, कृष्णानगर डायोसिस के अंतर्गत जललखाली स्थित 'डिवाइन लव रिट्रीट सेंटर' में 8 से 11 अक्टूबर तक 'वार्षिक संताली मेगा बाइबल कन्वेंशन रिट्रीट' का आयोजन किया गया था। यह एक शांतिपूर्ण आध्यात्मिक कार्यक्रम था, जिसे सभी जरूरी अनुमतियों के साथ आयोजित किया गया था। इसमें पुलिस सुरक्षा की मांग भी शामिल थी।

बिशप्स कॉन्फ्रेंस ने बताया कि हिंसा 9 अक्टूबर की शाम को भड़की, जब लाउडस्पीकरों पर "जबरन धर्मांतरण" के आरोप लगाए जाने के बाद सेंट लुइस पैरिश चर्च के पास एक बड़ी भीड़ जमा हो गई। CBCI का कहना है कि ये आरोप झूठे थे और इनका मकसद ईसाइयों के खिलाफ नफरत फैलाना था।

आरोप है कि भीड़ ने चर्च की संपत्ति में तोड़फोड़ की, चर्च विरोधी नारे लगाए और वहां सुरक्षा में तैनात लोगों पर हमला किया। इस घटना से पादरियों, धार्मिक प्रतिनिधियों और कार्यक्रम में शामिल लोगों के बीच दहशत फैल गई।

इस हमले को धार्मिक स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन बताते हुए, CBCI ने पश्चिम बंगाल सरकार से तुरंत कानूनी कार्रवाई करने और ईसाइयों तथा उनके संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। इसके अलावा, उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी हस्तक्षेप करने और अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।

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