इंडोनेशिया के कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष ने एशिया के कलीसिया से 'दूसरों की बात सुनने वाला कलीसिया' बनने का आग्रह किया। उन्होंने 'फेडरेशन ऑफ एशियन बिशप्स कॉन्फ्रेंसेज' (FABC) की 12वीं पूर्ण सभा (प्लेनरी असेंबली) की शुरुआत करते हुए कहा कि सच्ची 'सिनोडैलिटी' (मिलकर चलने और सुनने की प्रक्रिया) की शुरुआत ईश्वर, एक-दूसरे और समाज के हाशिए पर रहने वाले लोगों की आवाज़ सुनने से होती है।