प्रत्येक व्यक्ति का संकल्प बचा सकता है देश को कोरोना की तीसरी लहर से। 

सबसे पहले तो देश की जनता को यह बात स्वीकार करनी होगी की चाहे उन्होंने वैक्सीन लगवाई हो या नहीं। उन्हें हमेशा मास्क, सेनिटाइज़र और समाजित दूरी का पालन करना होगा। तभी हम कोरोना की तीसरी लहर को रोकने में सफल हो पाएंगे। वैक्सीन लगवाने के बाद भी शरीर में एन्टीबॉडी बनने में काफी समय लगता है। तो हम यह बिलकुल ना समझे कि सिर्फ वैक्सीन लगाकर हम कोरोना की तीसरी लहर को आने से रोक सकते है। कोरोना की तीसरी लहर को रोकने के लिए वैक्सीन के साथ साथ मास्क, सेनिटाइज़र और समाजित दूरी का पालन करना भी बेहद जरुरी है।
विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि कोरोना की तीसरी लहर का सबसे ज्यादा खतरा बच्चों पर हो सकता है। इसी के साथ देश में कोरोना का डेल्टा प्लस वेरिएंट तेजी से पैर पसार रहा है। जो की कई गुना अधिक घातक है। 
कोरोना की तीसरी लहर को रोकने के लिए हमें सिर्फ सरकार पर निर्भर नहीं होना चाहिए। जितना हो सके देश की जनता को खुद से ही कोरोना के नियमों का पालन करके खुद को एवं अपने परिवार को कोरोना से सुरक्षित करना चाहिए। अगर देश का हर व्यक्ति निजी स्तर पर कोरोना के सभी नियम जैसे कि- मास्क, सेनिटाइज़र और समाजित दूरी का पालन करे तो एक व्यक्ति से परिवार, परिवार से मोहल्ला, मोहल्ले से वार्ड, वार्ड से गांव या नगर, और इसी प्रकार पूरा राज्य, जिला, प्रदेश और पूरा देश कोरोना की तीसरी लहर से बच पायेगा। कोरोना की तीसरी लहर को रोकने की प्रत्येक व्यक्ति को लेनी होगी। 

 

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