दुनिया को ‘संवाद के बुनकर’ ख्रीस्तियों की जरुरत है, पोप फ्रांसिस। 

संत पिता फ्राँसिस ने रविवार के पाठ पर चिंतन करते हुए सभी विश्वासियों को विधवा के विश्वास से सीख लेने हेतु प्रेरित किया साथ ही इथियोपिया के लोगों के लिए एक साथ प्रार्थना करने की अपील की।
संत पिता फ्राँसिस ने रविवार को संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्रांगण में उपस्थित विश्वासियों के साथ देवदूत प्रार्थना के पूर्व सुसमाचार पाठ पर चिंतन करते हुए कहा कि आज के सुसमाचार पाठ ईश्वर के प्रति गरीब विधवा का विश्वास, उदारता एवं दीन प्रेम हम सभी के लिए एक उदाहरण है। इसी के मद्देनजर संत पापा ने ट्वीट कर विधवा के विश्वास से सीख लेने हेतु प्रेरित किया।
पहला ट्वीटः “आज के सुसमाचार पाठ (मारकुस 12:38-44) में, येसु ने गरीब विधवा को विश्वास की शिक्षिका के रूप में प्रस्तावित किया: उसके कुछ सिक्कों की आवाज अमीरों के भव्य दान की तुलना में अधिक सुंदर है, क्योंकि वे बिना शर्त विश्वास के साथ ईमानदारी से ईश्वर को समर्पित जीवन व्यक्त करते हैं।”
रविवार को देवदूत प्रार्थना का पाठ करने के बाद संत पापा ने इथियोपिया में एक साल से संकट में पड़े लोगों के लिए प्रार्थना करने की अपील की। ट्वीट कर संत पापा ने बातचीत के माध्यम से शांतिपूर्ण मार्ग अपनाने की अपनी अपील को दोहराया।
दूसरा ट्वीटः “आइए, हम इथियोपिया के लोगों के लिए एक साथ प्रार्थना करें, जो एक साल से अधिक समय तक चले संघर्ष से इतनी बुरी तरह से प्रभावित हुए है। यह संघर्ष कई पीड़ितों और एक गंभीर मानवीय संकट का कारण बना है। मैं बातचीत के शांतिपूर्ण रास्ते पर भाईचारे की सद्भावना के लिए अपनी अपील को दोहराता हूँ।”
आज के ट्वीट में संत पिता फ्राँसिस ने दुनिया को ईश्वर की योजना के अनुरुप बनाने के लिए ख्रीस्तियों को अपनी पहचान अनुसार जीवन जीने हेतु प्रेरित किया।
संदेश में उन्होंने लिखा,  “दुनिया को ऐसे ख्रीस्तियों की जरूरत है जो अपने व्यक्तिगत जीवन द्वारा सुसमाचार की सुंदरता का प्रदर्शन करना जानते हैं, जो संवाद के बुनकर हैं, भाईचारे के आदर्श हैं, जो आतिथ्य और एकजुटता की मीठी सुगंध लाते हैं और जो जीवन की रक्षा एवं हिफाजत करना जानते हैं।”

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