हम शांति के लिए प्रार्थना करें, हथियार द्वारा उसे प्राप्त नहीं की जा सकती

पोप फ्राँसिस ने युद्धग्रस्त कई देशों में शांति के लिए अपनी अपील पुनः दोहरायी तथा सभी विश्वासियों से प्रार्थना का आग्रह किया कि नेता अपने पीड़ित लोगों के साथ हों, जो जानते हैं कि हथियारों से शांति नहीं लायी जा सकती।
पोप फ्राँसिस ने शांति के लिए पुनः अपील की तथा अपनी प्रार्थना को माता मरियम को समर्पित किया। उन्होंने कहा, "कुँवारी मरियम के सामने आध्यात्मिक रूप से घुटनी टेककर, मैं कई लोगों की शांति की तीव्र चाह को अर्पित करता हूँ, जो विश्व के विभिन्न हिस्सों में युद्ध के मूर्खतापूर्ण विनाश से पीड़ित हैं।"
पोप ने अपनी प्रार्थना संत पेत्रुस महागिरजाघर के प्राँगण में स्वर्ग की रानी प्रार्थना का पाठ करने के उपरांत भली इच्छा रखनेवाले लोगों के साथ अर्पित की। इस बात पर गौर करते हुए कि इस समय पोम्पेई की माता मरियम से अर्जी करने के लिए वहाँ ग्रोटो के सामने बहुत सारे विश्वासी एकत्रित होंगे उन्होंने कहा कि मैं भी उनके सामने घुटनी टेककर शांति के वरदान की याचना करता हूँ। उन्होंने कहा, "धन्य कुँवारी मरियम को मैं विशेष रूप से यूक्रेन के पीड़ित और आँसू बहाते हुए लोगों को अर्पित करता हूँ।"
युद्ध के पागलपन के सामने हम हर दिन शांति हेतु रोजरी प्रार्थना करना जारी रखें। उन्होंने राष्ट्रों के नेताओं के लिए भी प्रार्थना की मांग की। "ताकि वे अपने लोगों की उस भावना को न खोयें जो शांति चाहते हैं और अच्छी तरह जानते हैं कि हथियार कभी शांति नहीं ला सकते।" 24 फरवरी को रूस द्वारा यूक्रेन पर हमले के बाद से ही पोप ने लगातार युद्ध के समाधान हेतु कूटनीतिक समाधान की अपील की है।
23 मार्च को आमदर्शन समारोह के दौरान उन्होंने कहा था कि यूक्रेन में युद्ध दिखलाता है कि मानवता को "आत्म-विनाश" के लिए अपने इस अजीब प्रवृत्ति को छोड़ना होगा और अधिक हथियार खरीदना किसी भी संघर्ष का अंतिम समाधान नहीं है।
पोप ने युद्ध के कारण मौत के शिकार लोगों एवं सैनिकों तथा घायलों, बेघर एवं शरणार्थी लोगों की याद करते हुए उनके लिए प्रार्थना की कि "प्रभु यह समझने के लिए अपनी आत्मा भेज दे कि युद्ध मानवता की हार है।"

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